
हिंदी विश्वविद्यालय में ‘हिंदी का वर्तमान और भविष्य’ विषय पर विशेष व्याख्यान, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिले प्रमाणपत्र
CBN36 वर्धा, 29 सितंबर। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में हिंदी माह समापन समारोह के अंतर्गत सोमवार को ‘हिंदी का वर्तमान और भविष्य’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि हिंदी सामासिक संस्कृति का वहन करने वाली भाषा है। देश की सभी भारतीय भाषाएं हमारी राष्ट्रीय भाषाएं हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
गालिब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत हिंदी के साथ सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान आवश्यक है। भारतीय भाषाएं एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी के विकास में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भूमंडलीकरण के बाद जनसंचार माध्यमों और पत्रकारिता ने हिंदी को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया है।
हिंदीतर भाषी पत्रकारों का भी रहा योगदान

मुख्य अतिथि प्रकाश दुबे ने कहा कि हिंदी को आगे बढ़ाने में हिंदीतर भाषी पत्रकारों और लेखकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए। हिंदी दिवस के अवसर पर भारतीय भाषाओं को भी याद किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और कुलगीत गायन से हुआ। संचालन हिंदी अधिकारी राजेश कुमार यादव ने किया। कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र गादेवार ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. अवधेश कुमार, प्रो. कृपा शंकर चौबे, डॉ. एच.ए. हुनगुंद, डॉ. बालाजी चिरडे, डॉ. रामानुज अस्थाना, डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी, डॉ. राजेश लेहकपुर, डॉ. रूपेश कुमार सिंह, डॉ. संदीप सपकाळे, डॉ. रेणु सिंह, डॉ. वीरेंद्र प्रताप यादव, डॉ. राकेश फकलियाल, डॉ. कोमल कुमार परदेशी, डॉ. शिवसिंह बघेल, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. प्रदीप, डॉ. अमित विश्वास सहित शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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