
47 विद्यार्थियों ने लिया वक्तृत्व प्रतियोगिता में हिस्सा, नशामुक्ति से लेकर लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका तक उठे मुद्दे
CBN36 वर्धा, 29 सितंबर। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय स्तरीय वक्तृत्व प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। तुलसी भवन स्थित गालिब सभागार में हुई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, किसानों की आत्महत्या और लोकतंत्र के सशक्तीकरण जैसे समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार रखे।
प्रतियोगिता में 47 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने किसानों की समस्याओं, युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रभावी वक्तव्य प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के विचारों में सामाजिक सरोकारों के साथ विषयों की गहरी समझ भी दिखाई दी।
प्रतियोगिता के लिए ‘नशा मुक्त भारत में युवाओं की भूमिका’, ‘सड़क दुर्घटनाएं और युवा’, ‘किसानों की आत्महत्या : एक चुनौती’ और ‘लोकतंत्र के सशक्तीकरण में युवाओं की भूमिका’ विषय निर्धारित किए गए थे।
कृष्ण मुरारी प्रथम
वक्तृत्व प्रतियोगिता में कृष्ण मुरारी ने प्रथम, दिगंत कुमार ने द्वितीय और पूनम कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को क्रमशः 1501, 1001 और 701 रुपये की नगद राशि तथा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. शैलेश कदम और डॉ. शिवसिंह बघेल ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमचंद्र ससाने ने किया। एनएसएस संयोजक डॉ. बालाजी चिरडे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. कोमल कुमार परदेशी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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