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July 31, 2026 6:54 pm

वंदे भारत एक्सप्रेस ने रचा इतिहास, पहली बार ट्रेन से पहुंचाया गया जीवित हृदय; सूरत से अहमदाबाद तक सफल परिवहन

CBN36 अहमदाबाद। भारतीय रेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवित हृदय लाइव हार्ट का सफलतापूर्वक परिवहन किया। सूरत से अहमदाबाद तक हृदय को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से सुरक्षित और निर्धारित समय में पहुंचाया गया। इस हृदय का प्रत्यारोपण अहमदाबाद स्थित यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में किया जाएगा।

यह अत्यंत संवेदनशील और समयबद्ध जीवनरक्षक अभियान भारतीय रेल, गुजरात राज्य पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और चिकित्सा टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण बना। हृदय को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट तक सुरक्षित और निर्बाध रूप से पहुंचाने के लिए आरपीएफ और गुजरात राज्य पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इसके चलते अंग को निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे प्रत्यारोपण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं हुई।

मंडल रेल प्रबंधक अहमदाबाद वेद प्रकाश ने कहा कि यह भारतीय रेल के लिए गर्व और संतोष का क्षण है। उन्होंने कहा, “वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवित हृदय को सूरत से अहमदाबाद तक सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया गया। ऐसे जीवनरक्षक मिशन में समय का प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण होता है। भारतीय रेल, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस अभियान को सफल बनाया। किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में भारतीय रेल की भूमिका निभाना हमारे लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का सर्वोच्च दायित्व है।”

रेल अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस की गति, समयपालन और विश्वसनीयता ने इस जीवनरक्षक अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय रेल केवल यात्रियों और माल के परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं में भी अहम सहयोगी की भूमिका निभा सकती है।

इस ऐतिहासिक मिशन की सफलता में भारतीय रेल के विभिन्न विभागों, रेलवे सुरक्षा बल, गुजरात राज्य पुलिस, चिकित्सकों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी और त्वरित समन्वय के कारण यह चुनौतीपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

भारतीय रेल की यह उपलब्धि न केवल उसकी त्वरित, सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाओं को रेखांकित करती है, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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