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July 31, 2026 5:53 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अहम मुलाकात: बस्तर विजन को मिला राष्ट्रीय समर्थन, विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़

CBN36 नई दिल्ली,रायपुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर राज्य के समग्र विकास, बस्तर के व्यापक कायाकल्प और भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहा बस्तर आज शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की पहचान बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार के सहयोग का आग्रह किया। इनमें राजनांदगांव में लगभग ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना, बस्तर सहित 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहायता तथा रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना प्रमुख रही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूरिया परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा राज्य सरकार की सभी आवश्यक स्वीकृतियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस परियोजना से किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता, औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि जिन 461 गांवों में सुरक्षा और भौगोलिक कारणों से अब तक ऑफ-ग्रिड व्यवस्था से बिजली पहुंचाई जा रही है, उन्हें अब स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने का समय आ गया है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, सिंचाई, लघु उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा, औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का उल्लेख करते हुए रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

बदल रहा है बस्तर, लौट रहा है विश्वास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के सकारात्मक परिणाम अब पूरे बस्तर में दिखाई दे रहे हैं। सड़क, रेल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन और आजीविका के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है।

उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं, जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राशन, आयुष्मान भारत, जनधन खाते, प्रधानमंत्री आवास, वनाधिकार सहित केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।

421 बंद स्कूल फिर खुले, एजुकेशन सिटी बनेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। अब राज्य सरकार दंतेवाड़ा मॉडल पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित कर रही है, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर मिल सकें।

34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, गीदम मेडिकल कॉलेज और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

रेल, सड़क, बिजली और हवाई संपर्क से बदल रही तस्वीर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग ₹3,513 करोड़ की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन पर तेजी से कार्य हो रहा है। जगदलपुर से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे अंतिम चरण में है, जबकि इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज से लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

बस्तर दशहरा बनेगा वैश्विक पर्यटन ब्रांड

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए बस्तर दशहरा को विश्वस्तरीय पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है।

बस्तर ओलंपिक ने बदली युवाओं की सोच

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। खेलों के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में शांति एवं सहभागिता मजबूत हुई है।

8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश शुरू हो चुका है।उन्होंने कहा कि इन निवेशों से लाखों युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर तैयार होंगे।

देश में नंबर-1 निवेश अनुकूल राज्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान मिला है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 के माध्यम से जोखिम आधारित नियमन, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमति व्यवस्था लागू की गई है।

10.42 लाख लखपति दीदी, अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने लक्ष्य से अधिक 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है। अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।

500 करोड़ का एआई मिशन, तकनीक आधारित सुशासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 करोड़ के राज्य एआई मिशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण, आधार और वीडियो KYC आधारित घर बैठे रजिस्ट्री जैसी व्यवस्थाओं ने प्रशासन को पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया है।

मजबूत अर्थव्यवस्था और वित्तीय अनुशासन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को गति दी है। जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत वृद्धि, खनिज राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी तथा राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने नई उपलब्धि हासिल की है।

‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि बस्तर के समग्र विकास, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, उद्योग और अधोसंरचना से जुड़े राज्य के सभी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र का सकारात्मक सहयोग मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की यह यात्रा अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। कभी चुनौतियों के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब शांति, समृद्धि, सुशासन, निवेश और विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभर रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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