बिलासपुर। रेलवे परिक्षेत्र स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से 16 जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इस बार खास होगी। रथ की सजावट ओडिशा के अंगुल जिले के पारंपरिक हस्तनिर्मित कपड़े से की जाएगी, जो अपनी बारीक बुनाई, पारंपरिक आकृतियों और आकर्षक डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है।
ओड़िया समाज के अध्यक्ष केके बेहरा ने बताया कि अंगुल में तैयार होने वाला यह विशेष कपड़ा ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। कपड़े पर बने डिजाइन मंदिरों की नक्काशी, लोककला और धार्मिक प्रतीकों से प्रेरित होते हैं। यही वजह है कि इसका उपयोग धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर प्रमुखता से किया जाता है।
आयोजकों के अनुसार, इस पारंपरिक कपड़े से सजा भगवान जगन्नाथ का रथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। रथ की सजावट में पारंपरिक रंगों और कलात्मक डिजाइनों का समावेश रथयात्रा की भव्यता को और बढ़ाएगा। श्रद्धालुओं को रथ के माध्यम से ओडिशा की कला और संस्कृति की अनूठी झलक देखने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम
रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रथ में हैंडब्रेक लगाया गया है। इससे रथ को खींचने और नियंत्रित करने में सुविधा होगी तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव किया जा सकेगा।
आयोजकों का कहना है कि पारंपरिक शिल्प, धार्मिक आस्था और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय से इस वर्ष की रथयात्रा श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, भव्य और यादगार बनेगी।
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