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June 2, 2026 11:33 am

छत्तीसगढ़ का धमतरी बना देश का पहला जिला, PACS समितियों के माध्यम से किसानों को मिलेगी ड्रोन स्प्रेयर सुविधा

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किया अभिनव पहल का शुभारंभ, 10 समितियों में शुरू हुई ड्रोन आधारित कृषि सेवा

छत्तीसगढ़ ।कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में धमतरी जिले ने एक नई मिसाल कायम की है। जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में ड्रोन स्प्रेयर सुविधा शुरू की गई है। इस पहल के साथ धमतरी देश का पहला जिला बन गया है, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिला प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी पहल का शुभारंभ कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने समिति लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। कार्यक्रम में किसानों की उपस्थिति में सभी 10 समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, समय की बचत, लागत में कमी तथा बेहतर कृषि प्रबंधन में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता को प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का यह अभिनव प्रयास है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने जिले को कृषि नवाचारों का मॉडल जिला बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण कदम है।

पहल की एक अन्य विशेषता यह है कि CSC ई-गवर्नेंस के सहयोग से PACS समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में भी सशक्त किया जा रहा है। इससे किसानों को ड्रोन स्प्रेयर जैसी आधुनिक कृषि सेवाओं के साथ विभिन्न डिजिटल एवं शासकीय सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और सहकारी समितियां बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगी।

कार्यक्रम में जनपद सदस्य संत कुमारी किरण साहू, उप संचालक कृषि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, समिति के प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक, सीएससी डीएम विनय गिरि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

जिले में जिन समितियों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा से जोड़ा गया है, उनमें बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंदेल, गड़ाडीह, जुगदेही तथा करेली शामिल हैं। इन समितियों के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को आवश्यकता अनुसार ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक के उपयोग से कम समय में अधिक क्षेत्र में छिड़काव संभव होगा। इससे रसायनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होने के साथ किसानों का श्रम और लागत दोनों कम होंगे। खेतों में सीधे प्रवेश की आवश्यकता कम होने से फसलों को नुकसान की संभावना भी घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी सृजित करेगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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