वर्धा। पृथ्वी दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के संरक्षण के लिए ‘चारा-पानी’ अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत प्रशासनिक भवन परिसर में कर्मियों और विद्यार्थियों ने मिलकर पक्षियों के लिए पानी के पात्र और दाना रखने की व्यवस्था की।
अभियान के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि गर्मी के दिनों में पक्षियों को पानी और भोजन की अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में उनके संरक्षण के लिए नियमित रूप से पानी और दाना उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय परिसर में मोर सहित विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का अधिवास है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह अभियान विशेष रूप से संचालित किया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मिट्टी के बर्तन लाकर पेड़ों पर लगाए और उनमें दाना-पानी रखा। आयोजकों ने सभी से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी पक्षियों के लिए स्वच्छ पानी और अनाज की व्यवस्था करें, ताकि उनका जीवन सुरक्षित रह सके।
अभियान में वर्धा समाजकार्य संस्थान के निदेशक प्रो. के. बालराजु, जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे, सुरक्षा अधिकारी सुधीर खरकटे सहित विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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