रायपुर।मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से सीधे जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को अधिनियम के दायरे में लाकर अधिसूचित किया जाए और अधिकतम सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में हितग्राहियों को प्रदान करना सुनिश्चित किया जाए। समय-सीमा का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन देने की भी बात कही गई।
मुख्य सचिव ने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसी सेवाओं की पहचान करें, जिन्हें लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल किया जा सकता है। इन सेवाओं की सूची तैयार कर सुशासन एवं अभिसरण विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों में लागू सेवाओं का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ के संदर्भ में समान सेवाओं की मैपिंग की गई है, जिससे अधिनियम के दायरे का विस्तार किया जा सके।
बैठक में गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास, कृषि, खनिज, वित्त, ऊर्जा, नगरीय प्रशासन, समाज कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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