
बिलासपुर। रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक करोड़ से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पूरे मामले में आईजी के निर्देश पर साइबर टीम ने तकनीकी जांच कर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया।
मामले के अनुसार साइबर अपराधियों ने एक वरिष्ठ महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। आरोपियों ने महिला को आतंकवादी संगठन से जुड़े होने और गिरफ्तारी की कार्रवाई का भय दिखाकर मानसिक दबाव बनाया तथा कथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए जमा करा लिए।
पीड़िता की शिकायत पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस एवं आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में पता चला कि आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में ठगी की 54 लाख 40 हजार रुपए की राशि जमा हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी राम गोपाल गर्ग ने तत्काल विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। एसएसपी सिंह तथा नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में निरीक्षक कामिल हक के नेतृत्व में साइबर थाना की टीम महाराष्ट्र रवाना की गई।
साइबर टीम ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले के वरठी स्थित गांधी वार्ड निवासी नेमतउल्लाह मंसूरी (25) और उसके पिता अब्दुल कयूम अंसारी (47) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नेपाल के काठमांडू जाकर बैंक खाते अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। आरोपी का पिता भी पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और मोबाइल के जरिए मुख्य आरोपियों के संपर्क में रहता था।

सीएसपी आईपीएस गगन कुमार ने बताया कि आरोपियों से जुड़े करीब 900 बैंक खातों की जानकारी मिली है। पुलिस ने विभिन्न खातों में मौजूद लगभग 30 लाख रुपए की राशि होल्ड करवाई है। मामले में अन्य आरोपियों तथा पूरे साइबर नेटवर्क की तलाश तकनीकी माध्यमों से जारी है।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या जांच एजेंसी के नाम पर आने वाले धमकी भरे संदेशों से सतर्क रहें। किसी भी परिस्थिति में डरकर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
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