बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। कोटा क्षेत्र के ग्राम आमागोहन, मोहली एवं तुलुफ के ग्रामीणों ने हल्का पटवारी अंकित स्वर्णकार को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के निवास पहुंचे और उनके नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित पटवारी पिछले छह माह से मनमानी करते हुए किसानों के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है। फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जाति-निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न कार्यों के लिए खुलेआम रकम की मांग की जा रही है। धान गिरदावरी के भौतिक सत्यापन के नाम पर भी किसानों से हजारों रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कई किसानों द्वारा राशि नहीं देने पर करीब 150 किसानों के धान का रकबा कम या विलोपित कर दिया गया, जिससे वे धान बिक्री से वंचित रह गए। वहीं, जिन लोगों ने धान की फसल नहीं बोई, उनके नाम पर अवैध पंजीयन कर लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा शासकीय भूमि से मिट्टी निकालकर ठेकेदारों को बेचने की शिकायत भी की गई।
आमागोहन निवासी राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि उनके पिता के नाम दर्ज 6 एकड़ भूमि को पटवारी द्वारा शासकीय मद में दर्ज कर दिया गया। ग्राम तुलुफ की राजकुंवर ने आरोप लगाया कि पट्टा बनाने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं और रकम नहीं देने पर मकान तोड़ने की धमकी दी जा रही है। वहीं, खोंगसरा निवासी भोला सिंह ने कहा कि उनकी 3.5 एकड़ वनाधिकार पट्टा भूमि को भी शासकीय भूमि में दर्ज कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार एवं एसडीएम से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, पटवारी द्वारा ऊंची पहुंच का हवाला देकर ग्रामीणों को धमकाया जा रहा है।
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पटवारी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में राजस्व पखवाड़ा मनाया जा रहा है, इसके बावजूद ग्रामीणों को 80 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट आकर शिकायत करनी पड़ रही है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

कलेक्ट्रेट पहुंचने वालों में वरिष्ठ नेता महेश दुबे, ब्लॉक अध्यक्ष बेलगहना अश्वनी उद्देश्य, ब्लॉक अध्यक्ष कोटा अरुण त्रिवेदी, विधायक प्रतिनिधि शिवदत्त पांडेय, वरिष्ठ कांग्रेसी विधिराम सिदार, राकेश तिवारी, शिवदयाल निर्मलकर, रवि सिंह, चितरंजन शर्मा, मोनूदास, रामाधार कोल, शिवा उइके, गोवर्धन नेटी, जुगनू, नूर खान, धनीराम पोर्ते, देवलाल, कीर्ति मरकाम, लक्की, जावेद, सचिन केशरवानी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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