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April 3, 2026 9:55 pm

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की वित्तीय वर्ष 2025–26 की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

“यात्री सेवा, संरक्षा, माल-ढुलाई एवं डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन,कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन की ढुलाई कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान”

बिलासपुर, 03 अप्रैल 2026।एसईसीआर ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज करते हुए भारतीय रेल में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है। यात्री सेवाओं के विस्तार, संरक्षा में सुधार, माल-ढुलाई के नए कीर्तिमान, डिजिटल पहल और तकनीकी नवाचार के माध्यम से रेलवे ने बहुआयामी प्रगति की है।महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने आयोजित प्रेस वार्ता में वर्ष भर की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।

यात्री सेवाओं में वृद्धि

रेलवे ने यात्रियों को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2025–26 में 8.30 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान 35,469 मेल/एक्सप्रेस एवं 50,407 पैसेंजर ट्रेनें संचालित की गईं।

चार नई ट्रेन सेवाएँ शुरू की गईं, सात ट्रेनों का विस्तार हुआ तथा 36 ट्रेन-जोड़ियों में 28 नए ठहराव जोड़े गए। यात्री सुविधा को बेहतर बनाने के लिए पाँच आईसीएफ रेक को एलएचबी कोच में परिवर्तित किया गया।त्योहारो में 126 ट्रिप की 32 आरक्षित विशेष ट्रेनें एवं 9 अनारक्षित ट्रेनें चलाई गईं, जबकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत गौरव ट्रेनों के 84 ट्रिप संचालित किए गए।

संरक्षा में सुधार

संरक्षा के क्षेत्र में रेलवे ने 45 प्रतिशत तक दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की। 18 रोड ओवर ब्रिज एवं 27 रोड अंडर ब्रिज निर्माण के साथ 34 लेवल क्रॉसिंग समाप्त की गईं।सिग्नलिंग व्यवस्था के तहत 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एवं 25 स्टेशनों पर संशोधन कार्य किया गया। ‘कवच’ प्रणाली को 101 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में स्थापित किया गया।इसके अलावा कोचों में अग्नि सुरक्षा प्रणाली, 58 स्टेशनों पर फायर अलार्म तथा 343 किमी लंबी सुरक्षा फेंसिंग का कार्य किया गया।

माल-ढुलाई में नया कीर्तिमान

रेलवे ने 261 मिलियन टन माल-ढुलाई कर नया रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.1 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही यह भारतीय रेल में दूसरे स्थान पर रहा।इसी तरह कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन की ढुलाई कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।

आर्थिक प्रदर्शन

रेलवे ने कुल 32,000 करोड़ से अधिक राजस्व अर्जित किया, जिसमें 30,400 करोड़ से अधिक आय माल-ढुलाई से हुई। परिचालन अनुपात 54.87 प्रतिशत से घटकर 53.30 प्रतिशत हुआ, जो कार्यकुशलता में सुधार को दर्शाता है।

आधारभूत संरचना एवं यात्री सुविधाएँ

पिछले 10 वर्षों में 1475 किमी लंबी 15 परियोजनाएँ पूर्ण की गईं। चालू वर्ष में 125 किमी नई लाइन चालू हुई तथा 2790 किमी की 41 परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 50 स्टेशनों पर कार्य जारी है, जिनमें 17 स्टेशनों पर प्रथम चरण पूरा हो चुका है।

यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म उन्नयन एवं शौचालयों का निर्माण किया गया। ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से 51,000 से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया।

डिजिटल एवं तकनीकी पहल

यूटीएस मोबाइल ऐप के माध्यम से 20.67 प्रतिशत अनारक्षित टिकट बुक किए गए, जिससे यह गैर-उपनगरीय रेलवे में प्रथम स्थान पर रहा।पीआरएस काउंटरों पर डिजिटल भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।इसी तरह रायपुर मंडल में एआई आधारित ड्रोन से ओएचई निरीक्षण तथा भिलाई एवं कोरबा में ऑटोमैटिक वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया।हरित ऊर्जा के तहत 2,263 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र लगाए गए।

रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका

रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 324 बच्चों को बचाया। साथ ही अवैध टिकट, नशीले पदार्थों एवं चोरी गई संपत्ति की बरामदगी कर यात्रियों को राहत प्रदान की।

कर्मचारी कल्याण

रेलवे ने 4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती की। कर्मचारियों को ₹1 करोड़ का बीमा कवर प्रदान किया गया तथा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल मेडिकल वैन शुरू की गई।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बहुआयामी विकास करते हुए यात्री सुविधा, संरक्षा, तकनीकी नवाचार और आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धियाँ कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और प्रबंधन की प्रभावी रणनीति का परिणाम हैं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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