
वर्धा।विश्व जल दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के समाज कार्य संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा येळाकेळी गांव में जल संरक्षण एवं लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम यूथएड फाउंडेशन के सहयोग से ग्राम पंचायत परिसर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाज कार्य संस्थान के डॉ. शिवाजी जोगदंड एवं डॉ. गजानन निलामे उपस्थित रहे। यूथएड फाउंडेशन से गणेश बोरकर, सौरभ चौधरी एवं धनश्री काले ने भी सहभागिता की। ग्राम पंचायत की सरपंच भारती चालाख की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। संचालन सोनाली सिंह ने किया।
डॉ. शिवाजी जोगदंड ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लैंगिक संवेदनशीलता को समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग के साथ-साथ समाज में समानता की भावना को मजबूत करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने दैनिक जीवन में पानी बचाने के सरल उपाय अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें ‘महिला सशक्तिकरण, सेव वाटर, सेव गर्ल’ विषय पर प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में ब्यूटी कुमारी एवं तनुश्री दुरबुडे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निशा श्रृंगारे द्वितीय एवं कस्तूरी कलोशिया तृतीय स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर सानिका भागवत ने प्रेरणादायक गीत पर तुम बढ़ते जाना प्रस्तुत किया। वहीं सुलोचना ठेला ने रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग एवं किचन गार्डन के माध्यम से जल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में समाज कार्य संस्थान के विद्यार्थियों के साथ येळाकेळी ग्राम पंचायत के सदस्य, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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