जिले में अनावश्यक वितरण पर रोक, वाहनों को ही मिलेगा ईंधन,उद्योगों को आपूर्ति अब अनुमति व रिकॉर्ड के आधार पर,अवैध परिवहन व कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
बिलासपुर, 28 मार्च 2026। जिले में पेट्रोल एवं डीजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आईएएस संजय अग्रवाल ने नए निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू किया गया है।
जारी आदेश के तहत जिले के सभी पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे आवश्यक एवं संवेदनशील सेवाओं को छोड़कर किसी भी उद्योग को डीजल की आपूर्ति नहीं करेंगे। विशेष परिस्थितियों में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अथवा तहसीलदार की अनुमति के बाद ही आपूर्ति की जा सकेगी।
सामान्य उपभोक्ताओं के लिए भी नियम तय किए गए हैं। पेट्रोल-डीजल अब केवल वाहनों में ही दिया जाएगा, किसी अन्य पात्र में ईंधन देने पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं कृषि कार्य, जनरेटर एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए डीजल की आपूर्ति पूर्व खपत के औसत के आधार पर की जाएगी, जिसका अलग से रिकॉर्ड संधारित करना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं। पेट्रोल पंपों में लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी। अवैध परिवहन या कालाबाजारी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच दल का गठन किया गया है, जो जिले में निरंतर निरीक्षण करेगा। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और इसका कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।
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