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March 26, 2026 9:34 pm

मुंगेली में रील से शुरू हुआ मामला, 50 हजार की रिश्वत पर जंगल महकमे के दो अफसर रिश्वत लेते गिरफ्तार,जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर

“प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है, एसीबी द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य शासकीय तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है”

छत्तीसगढ़ ।मुंगेली के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में एसीबी बिलासपुर ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए रेंजर और डिप्टी रेंजर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत की गई है।

एसीबी के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2025 में सुरही रेंज में एयर गन के साथ बनाई गई एक रील वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लिया था और संबंधित लोगों को करीब 18 दिन जेल भी रहना पड़ा था।

जेल से छूटने के बाद प्रकरण में शीघ्र चालान पेश करने और जब्त वाहन छोड़ने के एवज में डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव द्वारा 70 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया।

शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप योजना बनाई। 26 मार्च को कोटा स्थित मित्र मिलन रेस्टोरेंट में शिकायतकर्ता को भेजा गया, जहां उसने 50 हजार रुपए की पहली किस्त सौंपी। जैसे ही डिप्टी रेंजर ने राशि ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान रेंजर पल्लव नायक भी मौके पर मौजूद थे और उनके द्वारा भी रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। एसीबी ने आरोपी मनीष श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 7 तथा पल्लव नायक के खिलाफ धारा 7 और 12, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि एसीबी बिलासपुर द्वारा पिछले दो वर्षों में यह 45वीं ट्रैप कार्रवाई है, जो विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसीबी द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य शासकीय तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोकसेवक रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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