Explore

Search

March 1, 2026 6:15 pm

मैनुअल रजिस्टर से डिजिटल सिस्टम तक की साक्षी रहीं मनोरमा बोहिदार, 31 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त

छत्तीसगढ़ ।रायगढ़ पुलिस कार्यालय की मुख्य लिपिक श्रीमती मनोरमा बोहिदार 31 वर्षों की दीर्घ एवं निष्कलंक सेवा पूर्ण कर शनिवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनकी सेवानिवृत्ति केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि पुलिस कार्यालय में तीन दशकों के प्रशासनिक बदलाव की एक महत्वपूर्ण यात्रा का पड़ाव मानी जा रही है।

वर्ष 1995 में लिपिक वर्ग सहायक उप निरीक्षक एम के रूप में विभाग में प्रवेश करने वाली श्रीमती बोहिदार ने उस दौर में कार्यभार संभाला, जब अधिकांश कार्यालयीन कामकाज हस्तलिखित रजिस्टरों और भौतिक फाइलों के माध्यम से संचालित होते थे। समय के साथ विभाग में कंप्यूटरीकरण और डिजिटल प्रणाली लागू हुई। बदलती व्यवस्था के अनुरूप स्वयं को ढालते हुए उन्होंने नई तकनीक और प्रक्रियाओं को आत्मसात किया तथा कार्यालयीन कार्यों को सुव्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।

वर्ष 2013 में उप निरीक्षक एम के पद पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने 6वीं बटालियन में वर्ष 2018 तक सेवाएं दीं। इसके पश्चात पुनः पुलिस कार्यालय रायगढ़ में पदस्थ होकर आवक-जावक शाखा, शिकायत शाखा, कंटीजेंसी, अवकाश शाखा एवं एसआरसी जैसे महत्वपूर्ण प्रभारों का संचालन किया। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को समयबद्ध तैयार कर उनका निराकरण सुनिश्चित करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता रही।

आयोजित सेवा सम्मान समारोह में डीआईजी एवं एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने कहा कि श्रीमती बोहिदार ने अनुशासन, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए कार्यालयीन व्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। उन्होंने उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की।

समारोह में उप पुलिस अधीक्षक सुशांतो बनर्जी, आरआई अमित सिंह, मुख्य लिपिक श्री त्रिलोचन मालाकार, वरिष्ठ स्टेनो अशोक देवांगन सहित पुलिस कार्यालय, एडीपीओ कार्यालय एवं 6वीं बटालियन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सहकर्मियों ने उनके शांत, मिलनसार एवं सहयोगात्मक स्वभाव की सराहना की।

अपने संबोधन में श्रीमती बोहिदार ने सेवा अवधि के दौरान अधिकारियों एवं सहकर्मियों से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।

तीन दशकों की इस यात्रा के साथ श्रीमती मनोरमा बोहिदार ने न केवल प्रशासनिक परिवर्तन का साक्षी बनकर भूमिका निभाई, बल्कि बदलते समय के साथ कदम मिलाते हुए पुलिस कार्यालय की कार्यसंस्कृति को मजबूत बनाने में भी योगदान दिया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS