48 घंटे में 11 केस दर्ज, 204 लीटर महुआ शराब जब्त, 11 आरोपी गिरफ्तार

एसएसपी शशि मोहन सिंह का कहना है कि अवैध शराब न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि जनस्वास्थ्य और सामाजिक शांति के लिए भी गंभीर खतरा है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रायगढ़, 28 फरवरी। होली पर्व के मद्देनजर जिले में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन आघात के तहत व्यापक कार्रवाई की है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में बीते 48 घंटों के भीतर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर अवैध शराब कारोबारियों के नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई की गई।
पुलिस द्वारा थाना खरसिया, घरघोड़ा, लैलूंगा, भूपदेवपुर एवं धरमजयगढ़ क्षेत्रों में कुल 11 प्रकरण दर्ज कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 204 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 29,050 बताई गई है, जब्त की गई। सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
थाना क्षेत्रों में कार्रवाई का विवरण
खरसिया क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 20 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। आरोपियों के पास से प्लास्टिक जरीकेन एवं बोतलों में अवैध शराब संग्रहित मिली।
घरघोड़ा क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जहां दो मामलों में क्रमशः 52 लीटर एवं 51 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। यह मात्रा दर्शाती है कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार संगठित रूप से संचालित किया जा रहा था।
भूपदेवपुर क्षेत्र में दो आरोपियों से कुल 13 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।धरमजयगढ़ क्षेत्र में एक महिला आरोपी के कब्जे से 25 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जो अलग-अलग जरीकेन में संग्रहित थी।इसी तरह लैलूंगा क्षेत्र में दो मामलों में कुल 28 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि होली पर्व के दौरान अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।एसएसपी सिंह का कहना है कि अवैध शराब न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि जनस्वास्थ्य और सामाजिक शांति के लिए भी गंभीर खतरा है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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