

“एसपी विजय पांडेय ने कहा साइबर ठगी से बचाव हेतु किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर विश्वास न करें,ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें,बैंक अधिकारी बनकर जानकारी मांगने वाले कॉल से सावधान रहें।साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें”
जांजगीर-चांपा।जिले में हाल के दिनों में बैंक से धनराशि निकालकर घर लौट रहे किसानों एवं ग्रामीण नागरिकों के साथ ठगी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक आईपीएस विजय पांडेय द्वारा किसानों को सतर्क करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया।
ठगी के बदलते तरीके, बढ़ती चुनौती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक पांडेय ने कहा कि ठग अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई तकनीकों का भी सहारा ले रहे हैं। बैंक से बड़ी धनराशि निकालने वाले किसानों को चिन्हित कर उनका पीछा करना, बातचीत के बहाने ध्यान भटकाना, बैग बदल देना या नकली सहायता का प्रस्ताव देना ये कुछ सामान्य तरीके हैं जिनसे ग्रामीणों को निशाना बनाया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल पुलिस की सक्रियता पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन की सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है।
जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे मजबूत माध्यम

अभियान के अंतर्गत बैंक परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में पोस्टर लगाए जाएंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों एवं ग्रामीण नागरिकों को निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से सचेत रहने की सलाह दी गई अधिक धनराशि निकालते समय अकेले न जाएँ, किसी विश्वसनीय व्यक्ति को साथ रखें।बैंक के अंदर एवं बाहर आसपास मौजूद व्यक्तियों पर नजर रखें।किसी अज्ञात व्यक्ति से अनावश्यक सहायता न लें।पैसे गिनने या बैग बदलने जैसी गतिविधियों के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 या कंट्रोल रूम नंबर 94791-93199 पर सूचना दें।
साइबर ठगी पर भी विशेष फोकस

कार्यक्रम में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कई बार ठग बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी मांगते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण लोग ऐसे झांसे में आ जाते हैं।
साइबर ठगी से बचाव हेतु निम्न सुझाव दिए गए किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर विश्वास न करें।ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।बैंक अधिकारी बनकर जानकारी मांगने वाले कॉल से सावधान रहें।साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
सामुदायिक सहभागिता पर जोर
पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के सहयोग से ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।उन्होंने कहा जिले में चलाया जा रहा यह अभियान न केवल ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण समाज में सुरक्षा के प्रति विश्वास और जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
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