मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा,जहाँ हिंसा नहीं, अब शांति ही एकमात्र विकल्प है
सरकार का संदेश स्पष्ट है- जो अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास नीति अपनाएँ और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लौटें,अन्यथा सरकार और सुरक्षा बल अपने दायित्व का निर्वहन करने को पूरी तरह सक्षम
बीजापुर-सुकमा छत्तीसगढ़,3 जनवरी 26।दक्षिण बस्तर अंचल में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर और सुकमा जिलों में हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 माओवादी कैडरों के शव हथियारों सहित बरामद किए गए हैं। दोनों स्थानों पर सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है।
बीजापुर मुठभेड़ दो इनामी माओवादी ढेर
बीजापुर जिले के थाना बासागुड़ा क्षेत्र अंतर्गत गगनपल्ली-मुरकीपार के जंगल-पहाड़ी इलाके में डीआरजी बीजापुर और माओवादियों के बीच शुक्रवार सुबह करीब 05 बजे से रुक-रुक कर फायरिंग हुई।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 10-15 सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से 02 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं।
मारे गए माओवादियों की हुई पहचान
1. हुंगा मड़काम उर्फ पंचुगा, पिता पोज्जा, निवासी ग्राम पूवर्ती, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा। पद एसीएम, पामेड़ एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख रुपये।
2. आयती मुचाकी उर्फ जोगी, पिता मुया, निवासी ग्राम पीनाचन्दा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर। पद पीपीसीएम, पामेड़ एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख रुपये।
मुठभेड़ स्थल से 01 SLR रायफल (मैगजीन व 09 राउंड), 01 बारह बोर देशी कट्टा (05 राउंड), स्कैनर सेट, कार्डेक्स वायर, माओवादी पिट्ठू, साहित्य एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
सुकमा मुठभेड़ 12 माओवादी ढेर, पांच महिला कैडर शामिल
इधर, जिला सुकमा के दक्षिणी क्षेत्र में डीआरजी द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुबह लगभग 08 बजे से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई।
पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने पुष्टि की कि मुठभेड़ स्थलों से कुल 12 माओवादियों के शव हथियारों सहित बरामद किए गए हैं, जिनमें 05 महिला माओवादी भी शामिल हैं।
प्रारंभिक पहचान में मारे गए माओवादियों में
• वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का, कोंटा एरिया कमेटी इंचार्ज
• माड़वी हितेश उर्फ हूंगा, कोंटा एरिया कमेटी सचिव
शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये माओवादी शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या की साजिश में भी शामिल थे। अन्य मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS और SLR रायफल सहित बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी पृथक से जारी की जाएगी।
बस्तर रेंज के आईजीपी सुन्दरराज पी ने कहा

बस्तर में माओवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। संगठन की संरचना टूट चुकी है और हिंसा के जरिए दहशत फैलाने की उनकी कोशिशें अब प्रभावहीन हो चुकी हैं। सभी सक्रिय माओवादी सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।फिलहाल दोनों जिलों में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल सतर्कता के साथ इलाके की घेराबंदी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा,जहाँ हिंसा नहीं, अब शांति ही एकमात्र विकल्प है
उन्होंने लिखा कि बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने निर्णायक सफलता हासिल करते हुए 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया है। सुरक्षाबलों की सटीक रणनीति, सतत दबाव और मज़बूत जमीनी पकड़ के चलते यहाँ माओवादी नेटवर्क तेज़ी से ढह रहा है।
बस्तर अब भरोसे, विकास और सुरक्षा के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता, सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है।
हमारी सरकार का संदेश स्पष्ट है- जो अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास नीति अपनाएँ और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लौटें। अन्यथा सरकार और सुरक्षा बल अपने दायित्व का निर्वहन करने को पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध हैं।
यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात का अंतिम चरण है, अब बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित है।
प्रधान संपादक


