जनवरी भर चलेंगे जागरूकता व प्रवर्तन अभियान, दुर्घटनाओं में और कमी लाने का लक्ष्य
जशपुर छत्तीसगढ़।जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 का शुभारंभ बुधवार को किया गया। यह अभियान 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसके तहत जशपुर पुलिस आम नागरिकों के बीच जाकर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी।
पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय जशपुर के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास की अध्यक्षता में अभियान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत तथा विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने अपने संबोधन में आम नागरिकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे में वाहन चलाने से न केवल स्वयं की जान को खतरा होता है, बल्कि दूसरों का जीवन और परिवार भी प्रभावित हो सकता है।

कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए यातायात नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिले में 222 सड़क सुरक्षा मितानों को प्रशिक्षित किया गया है, जो लोगों को यातायात नियमों के साथ-साथ दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार के संबंध में भी जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने गोल्डन ऑवर और राहगीर योजना (गुड सेमेरिटन) की जानकारी देते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और घायलों की मदद करने वाले अच्छे राहगीर को कानूनी संरक्षण व प्रोत्साहन दिया जाता है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अधिकांश दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। उन्होंने कहा कि हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, तीन सवारी और नशे की हालत में वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। एसएसपी ने बताया कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जशपुर पुलिस ट्रिपल ई (EEE) मॉडल इंजीनियरिंग, एजुकेशन और इंफोर्समेंट के तहत कार्य कर रही है।

उन्होंने तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में लगभग 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में नशे में वाहन चलाने के 326 प्रकरणों में 31 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग व नो पार्किंग जैसे मामलों में 19,824 प्रकरणों में 46 लाख 11 हजार 900 रुपये का चालान किया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या वर्ष 2023 में 256, वर्ष 2024 में 341 रही, जो वर्ष 2025 में घटकर 310 हो गई। आने वाले वर्ष में इस आंकड़े को और कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सड़क सुरक्षा माह के दौरान हेलमेट व सीट बेल्ट जागरूकता रैली, विद्यालयों व महाविद्यालयों में कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन, दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, नगरीय निकायों व ग्राम पंचायतों में चौपाल, नुक्कड़ नाटक तथा रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, डीएसपी मंजूलता बाज, आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, यातायात प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा, पत्रकारगण सहित लगभग 400 विद्यार्थी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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