नवा रायपुर बना देश का पहला ऋणमुक्त ग्रीनफील्ड शहर
400 करोड़ रुपये की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना, 120 करोड़ रुपये से आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर तथा 230 करोड़ रुपये से साइंस सिटी का विकास
132 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क विकसित, लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और 12,000 से अधिक रोजगार सृजन सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में भी 1,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित ,जिससे लगभग 10,000 रोजगार उत्पन्न होने की संभावना
रायपुर छत्तीसगढ़ ।प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने बीते दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। किफायती आवास, बेहतर शहरी सुविधाओं, आजीविका के अवसरों और पर्यावरण अनुकूल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए विभाग द्वारा ठोस कार्य किए गए हैं, जिससे नागरिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल गंभीर वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा था। 3,200 से अधिक आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां अविक्रीत थीं और 735 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य शासन द्वारा ऋण चुकता किए जाने के बाद मंडल को पूर्णतः ऋणमुक्त किया गया। अविक्रीत संपत्तियों के विक्रय के लिए एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 लागू की गई, जिसके अंतर्गत 30 प्रतिशत तक की छूट दी गई। नौ माह में 1,251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और 190 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रीत स्टॉक से बचने के लिए नई मांग आधारित निर्माण नीति लागू की गई है। नई व्यवस्था के तहत 60 प्रतिशत अथवा प्रथम तीन माह में न्यूनतम 30 प्रतिशत पंजीयन के बाद ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। इससे परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित होगी।
मंत्री ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को सुदृढ़ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से नागरिकों को 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए श्री चौधरी ने बताया कि 193 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। टिकरापारा में 168 फ्लैट के निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। जनवरी से प्राधिकरण में ऑनलाइन प्रणाली लागू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋणमुक्त ग्रीनफील्ड शहर बन गया है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ रुपये के समस्त ऋण का भुगतान किया गया, जिससे 5,030 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि और संपत्तियां गिरवी-मुक्त हुई हैं। इससे निवेश और विकास को नई गति मिलेगी।
नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 132 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और 12,000 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में भी 1,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं, जिससे लगभग 10,000 रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है।
मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर को टेक-हब, कॉन्फ्रेंस कैपिटल और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। 400 करोड़ रुपये की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना, 120 करोड़ रुपये से आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर तथा 230 करोड़ रुपये से साइंस सिटी का विकास किया जा रहा है। मेडिकल हब के रूप में मेडी सिटी विकसित की जा रही है, जहां बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा 300 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जा रहा है। एजु सिटी के अंतर्गत निफ्ट और नाइलिट को भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है।
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार किफायती जन आवास नियम, 2025 लागू किए गए हैं। कृषि भूमि में भी किफायती आवास को अनुमति दी गई है। कालोनाइजर्स के लिए सामुदायिक खुले स्थान की अनिवार्यता 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम पहुंच मार्ग की चौड़ाई तथा ग्राउंड कवरेज से संबंधित नियमों में भी संशोधन किया गया है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों के पर्यावरणीय उत्सर्जन की निगरानी के लिए रियल टाइम ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। साथ ही कॉमन हेजार्डस वेस्ट प्रबंधन सुविधा विकसित की गई है, जो अप्रैल 2025 से पूर्णतः क्रियाशील होगी।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विभागीय सुधार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा का उदाहरण हैं। ऋणमुक्त संस्थान, निवेश अनुकूल वातावरण और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नवा रायपुर अटल नगर इन प्रयासों का प्रत्यक्ष उदाहरण बनकर उभरा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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