डॉक्टर के सूने मकान को बनाया था निशाना, 47.64 लाख नकद और सोने-चांदी के आभूषण बरामद; मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार
CBN36 दुर्ग, 31 अक्टूबर 2026। दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और सोने-चांदी एवं डायमंड के आभूषण चोरी करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चोरी का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, चोरी की यह वारदात वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल के मकान में हुई थी। डॉक्टर मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को परिवार सहित घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह वापस लौटने पर घर की अलमारी में रखी नकदी और कीमती आभूषण गायब मिले। इसके बाद उन्होंने वैशाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत धारा 331(4) और 305 बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिला सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) और नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर के नेतृत्व में वैशाली नगर थाना पुलिस तथा एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्धों की गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राहुल बंसोड़ का नाम सामने आया। घटना के आसपास उसे अपने साथियों के साथ संदिग्ध रूप से घूमते देखा गया था। वारदात के बाद उसके फरार होने की जानकारी भी पुलिस को मिली।
महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश तक पीछा, गड्ढे में छिपाए थे आभूषण
पुलिस की विशेष टीम ने आरोपियों की तलाश में गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। इसके बाद आरोपियों की लोकेशन उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर और भदोही क्षेत्र में मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे और प्रयागराज तथा मिर्जापुर के बीच गंगा नदी पार करने के लिए नाव का इस्तेमाल कर रहे थे।
लगातार घेराबंदी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से पुलिस ने चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए।
चोरी के आभूषण गलाकर बदला स्वरूप, ज्वेलर्स गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि प्रदीप ने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेच दिए थे। पुलिस पूछताछ में ज्वेलर्स ने चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ आभूषणों को घर में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात स्वीकार की।
इसके अलावा प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, उसने चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, माल खपाने और आरोपियों को सहयोग देने के बदले लाखों रुपये प्राप्त किए थे।
चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी एसयूवी

पुलिस जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ वारदात के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी, जिसका पंजीयन नंबर DL-10-CN-1411 बताया गया है। बाद में इसी वाहन से वह भिलाई लौटा।
वहीं प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी की रकम से अपने मकान में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगवाने के साथ सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी खरीदी थी। पुलिस ने दोनों वाहन बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
मुख्य आरोपी फरार, चोरी का माल ले जाते सहयोगी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी और आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे। पुलिस की निगरानी की जानकारी मिलने पर वह अपनी एक्सयूवी कार सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल लेकर राजनांदगांव-नागपुर रोड की ओर आने के लिए कहा।
पुलिस ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। तड़के लगभग 3 बजे इनोवा वाहन क्रमांक CG-11-I-9909 सहित आरोपियों और सहयोगियों को अलग-अलग वाहनों से आगे-पीछे से घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने वाहन से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए।
जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका चोरी का माल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, वाहन उपलब्ध कराने और मुख्य आरोपी को सहयोग देने में सामने आई। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए नौ आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह, सोनू जायसवाल, रविन्द्र बंसोड़, किरण बंसोड़, आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह शामिल हैं। इनमें सोनू जायसवाल पर चोरी के आभूषण खरीदने तथा अन्य आरोपियों पर चोरी का माल छिपाने, खपाने और फरार आरोपी को सहयोग देने की भूमिका का आरोप है।
मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
लगभग एक करोड़ की संपत्ति जब्त
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने के कंगन, चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण, चांदी के आभूषण एवं चांदी के बिस्किट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा वारदात के बाद माल परिवहन में इस्तेमाल की गई इनोवा कार भी जब्त की गई है।
पुलिस ने दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन, पावर बैंक और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई गई है।
सूने मकान को निशाना बनाने वाले गिरोह पर कार्रवाई
दुर्ग पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी के बाद संपत्ति को आपस में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाया था। सोने के आभूषणों को बेचने और गलाकर उनकी पहचान मिटाने का प्रयास किया गया। चोरी की रकम से वाहन खरीदने के साथ घरेलू निर्माण और निजी खर्च भी किए गए।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लंबे समय तक घर बंद रखकर बाहर जाने से पहले संबंधित थाना या बीट पुलिस को सूचना दें। घर में बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण रखने से बचें, सीसीटीवी कैमरे चालू रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। चोरी का माल खरीदने, छिपाने और आरोपियों को संरक्षण देने वालों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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