विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा

समिति ने कहा-सभी वर्गों से मिले सुझावों के अध्ययन के बाद तैयार होगा अंतिम ड्राफ्ट
CBN36 अम्बिकापुर। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों की राय और सुझाव जानने के लिए गुरुवार को अम्बिकापुर के शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विशाल बैठक और समूह चर्चा आयोजित की गई। इसमें सरगुजा संभाग के पांचों जिलों से एक हजार से अधिक गणमान्य नागरिकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों और निगम-मंडल व आयोग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श कर प्रतिभागियों ने अपने सुझाव लिखित और मौखिक रूप से प्रस्तुत किए।
बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. ज्योति रानी सिंह, उच्च स्तरीय समिति के सचिव एवं रायपुर संभागायुक्त श्याम लाल धावड़े तथा सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा उपस्थित रहे।
विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मुद्दों पर चर्चा
बैठक के दौरान विवाह और तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी। इस दौरान पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समान नागरिक संहिता की मूल अवधारणा, इसके विभिन्न पहलुओं और समिति की ओर से अपनाई जा रही प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
आदिवासी समाज से लेकर धार्मिक संगठनों तक की भागीदारी
बैठक में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और कोरिया जिले के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें पंडो, उरांव, सर्व आदिवासी, गोंड, केवट, नगेशिया, बिंझिया, पनिका, यादव, ब्राह्मण, स्वर्णकार, रोमन कैथोलिक, मझवार, रजवार, साहू, चेरवा, मुंडा, चिक, मुस्लिम सुन्नी, सर्व पिछड़ा वर्ग, रौनियार और राजपूत समाज सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंजुमन इस्लामिया कमेटी सहित अन्य संगठनों ने भी अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।
सुझावों के विश्लेषण के बाद तैयार होगा ड्राफ्ट

समिति के सदस्यों ने कहा कि बैठक में विभिन्न समाजों और संगठनों से प्राप्त सुझावों का गहराई से अध्ययन और विश्लेषण किया जाएगा। सभी पक्षों से मिले विचारों के संकलन के बाद ही समान नागरिक संहिता का अंतिम मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बैठक का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श करना रहा।
ऑनलाइन भी भेज सकेंगे अपने सुझाव
समिति ने उन नागरिकों और संगठनों से भी सुझाव देने की अपील की है, जो बैठक में शामिल नहीं हो सके। इच्छुक व्यक्ति और संगठन समिति की आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in अथवा ई-मेल ucc chhattisgarh@cg.gov.in के माध्यम से अपने विचार और सुझाव भेज सकते हैं।
प्रधान संपादक