
“एसएसपी शशि मोहन सिंह की रणनीति में सोशल मीडिया भी बनी पुलिसिंग का अहम हिस्सा साइबर टीम की मदद से मिली लोकेशन,समझाइश देकर परिजनों को सौंपा”
CBN36 रायगढ़। सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाला हर वीडियो सिर्फ एक पोस्ट नहीं होता, कई बार वह किसी की जिंदगी बचाने का आखिरी संकेत भी हो सकता है। रायगढ़ पुलिस ने ऐसे ही एक संवेदनशील मामले में तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक युवक की जान बचा ली। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित रिस्पॉन्स के चलते संभावित अनहोनी समय रहते टल गई।
खरसिया क्षेत्र में एक युवक अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कहते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। वीडियो की जानकारी सामने आते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। सूचना चौकी खरसिया पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए युवक की तलाश शुरू कर दी।
साइबर टीम की मदद से मिली लोकेशन
चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने साइबर थाना से तकनीकी सहायता लेते हुए युवक की लोकेशन और संभावित गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास शुरू किया। जल्द ही युवक के रेलवे पटरी की ओर होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित लोकेशन और युवक के आवागमन के रास्तों पर नजर रखते हुए तलाश तेज कर दी। पुलिस टीम को युवक रेलवे पटरी के आसपास दिखाई दिया। पुलिस को अपनी ओर आता देखकर युवक वहां से निकलने लगा और टाउन हॉल की ओर से रायगढ़ चौक की तरफ जाने का प्रयास किया।पुलिस ने तत्काल उसका पीछा किया और उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
समझाइश देकर परिजनों को सौंपा
युवक को सुरक्षित लेने के बाद पुलिस ने उसके साथ संवेदनशीलता से बातचीत की और उसकी स्थिति को समझने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे आवश्यक समझाइश दी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रवीण कुमार बांधव, आरक्षक साविल चंद्रा और साइबर थाना के आरक्षक रविंद्र गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी की रणनीति में सोशल मीडिया भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा
इस घटना ने यह भी दिखाया कि बदलते दौर में पुलिसिंग केवल सड़क और थाने तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर सामने आने वाले संवेदनशील संकेतों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप करना भी पुलिस की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा बन गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को महज एक पोस्ट मानकर नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि उसे संभावित संकट के संकेत के रूप में लिया। सूचना मिलते ही साइबर तकनीक और मैदानी पुलिसिंग को साथ जोड़कर युवक तक पहुंच बनाई गई। यही त्वरित समन्वय इस मामले में निर्णायक साबित हुआ।
एक वीडियो पर नजर, एक जिंदगी सुरक्षित
पुलिस की इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि युवक तक उस समय पहुंच बनाई गई, जब स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिस की तत्परता, साइबर तकनीकी सहायता और मौके पर मौजूद टीम की संवेदनशीलता से एक संभावित अनहोनी टल गई।
रायगढ़ पुलिस का यह प्रयास यह संदेश भी देता है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की ओर से जिंदगी खत्म करने जैसे संकेत मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में समय पर सूचना देना किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रायगढ़ एसएसपी सिंह की अपील
रायगढ़ जिले के पुलिस कप्तान शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील की है कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, भावनात्मक या तनावपूर्ण स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसा कदम न उठाएं। मुश्किल समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। ऐसी स्थिति में अकेले रहने के बजाय परिवार, मित्र या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से अपनी बात साझा करें। जरूरत महसूस होने पर पुलिस, स्थानीय प्रशासन या संबंधित हेल्पलाइन से तत्काल सहायता लें।
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