एसईसीएल मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ, 14 से 28 सितंबर तक होंगे विविध आयोजन
CBN36 बिलासपुर। एसईसीएल मुख्यालय में शनिवार को राजभाषा पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने की। मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन और निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी-कर्मचारी और श्रमसंघ प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुआ। एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में राजभाषा पखवाड़े का आयोजन 14 से 28 सितंबर तक किया जाएगा। इस दौरान हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
हिंदी पूरे देश में स्वीकार्य भाषा : बिरंची दास

निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने कहा कि हिंदी लोगों को एकसूत्र में पिरोने का कार्य करती है। हिंदी सरल, सुगम और सुबोध भाषा है तथा पूरे देश में इसकी व्यापक स्वीकार्यता है। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने पर जोर देते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों से राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने कहा कि हिंदी आपसी संवाद को सहज और प्रभावी बनाने का माध्यम है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग से कार्यों में सरलता और सहजता आती है। उन्होंने दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र ने कहा कि हिंदी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण आधार है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राजभाषा पखवाड़ा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
केंद्रीय मंत्रियों के संदेश का हुआ वाचन
समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के संदेश का पठन किया गया। वहीं, प्रबंधक (राजभाषा) सविता निर्मलकर ने राजभाषा पखवाड़े के उद्देश्यों तथा इसके अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की जानकारी दी।
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