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September 12, 2026 7:56 pm

महोत्सव के नाम पर सियासत, बेलतरा की मूलभूत समस्याएं जस की तस : अंकित गौरहा

नगपुरा मेला महोत्सव का नाम बदलने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, सड़कों की बदहाली को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

CBN36 बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में नगपुरा मेला महोत्सव का नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने आयोजन के नाम में बदलाव को क्षेत्र की पुरानी परंपरा और स्थानीय लोगों की भावनाओं से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महोत्सव के नाम और आयोजन को लेकर सियासत करने के बजाय क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

गौरहा ने कहा कि नगपुरा मेला महोत्सव लंबे समय से क्षेत्र की पहचान और परंपरा से जुड़ा आयोजन रहा है। पहले इसका आयोजन करीब सात दिनों तक होता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ कर दिया गया है और आयोजन की अवधि भी कम कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों ने पहले भी नाम परिवर्तन पर आपत्ति जताई थी।

उन्होंने कहा कि किसी प्राचीन और क्षेत्र की भावनाओं से जुड़े आयोजन की पहचान बदलना उचित नहीं है। जनता की भावनाओं और परंपरा का सम्मान करते हुए आयोजन का स्वरूप तय किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता को महोत्सव से आपत्ति नहीं है, बल्कि पारंपरिक आयोजन का नाम और पहचान बदलने पर सवाल है।

‘चाहें तो हर महीने करा दें महोत्सव’

बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा पर गौरहा ने कहा कि तीन करोड़ 30 लाख रुपये की और घोषणा होनी चाहिए ,ताकि विधानसभा क्षेत्र में हर महीने एक नया महोत्सव कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि इससे शायद क्षेत्र के लोग कुछ समय के लिए सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत समस्याओं को भूल जाएं। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर भी तंज कसते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और जनता को नृत्य का अवसर देने का मौका मिल जाएगा।

सड़कों की बदहाली पर भी घेरा

गौरहा ने कहा कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सड़कों की स्थिति खराब है। अशोक नगर-बिरकोना मार्ग, राजकिशोर नगर चौक से छठ घाट मार्ग और सेंदरी-मोपका बायपास की बदहाली से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार महोत्सवों के लिए घोषणाएं कर रही है।

उन्होंने कहा कि बेलतरा की जनता को आयोजन और घोषणाओं से ज्यादा अच्छी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को तय करना होगा कि उनकी प्राथमिकता महोत्सव है या जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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