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September 10, 2026 11:53 am

सुबह शहर में निकलें अधिकारी, देखें जमीनी हकीकत और कराएं काम: अरुण साव

उपमुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालयों वाली नगर पालिकाओं के कामकाज की समीक्षा की

संपत्ति कर के ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था बनाने और 50 साल की जरूरत के हिसाब से जल प्रबंधन की योजना तैयार करने के निर्देश

CBN36 बिलासपुर। उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को सुबह शहर का भ्रमण कर जमीनी हकीकत देखने और मौके पर ही जरूरी काम कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि शहर के भविष्य की योजना बनाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी उनकी है।

नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता, राजस्व वसूली, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों और शहरी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

संपत्ति कर के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा

अरुण साव ने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों का सर्वे कराने और नई संपत्तियों को चिन्हित करने को कहा। उन्होंने संपत्ति कर जमा करने के लिए अधिक से अधिक निकायों में ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। निकायों के अभियंताओं को निर्माणाधीन कार्यों का नियमित और कड़ाई से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व वसूली, निर्माण कार्य, साफ-सफाई और योजनाओं की प्रगति की अलग-अलग दिनों में नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति विकसित करने को कहा।

अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने अवैध कब्जे और अतिक्रमण की शिकायत या जानकारी मिलते ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

उन्होंने निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से रोज सुबह शहर का भ्रमण करने को कहा। इससे साफ-सफाई और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। साथ ही शहर की समस्याओं और नागरिकों के फीडबैक की जानकारी भी अधिकारियों को मिलेगी।

अगले 50 साल के लिए तैयार करें जल प्रबंधन की योजना

अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित करना जरूरी है।

उन्होंने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल जरूरत को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुन: उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने शहर के हर घर तक पेयजल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करना होगा। अधिकारियों को पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने की जरूरत है।

शहरवासियों को महसूस हो निकाय की मौजूदगी: बोरा

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि निकायों की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य और योजनाएं पूरी करने तक सीमित नहीं है। शहर की व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन भी उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और लोगों की बढ़ती अपेक्षाओं को देखते हुए निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी तरीके से काम करना होगा। शहरवासियों को अपने निकाय की मौजूदगी महसूस होनी चाहिए और उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए।

बोरा ने कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए। नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना निकायों की जिम्मेदारी है।

खाली जमीन पर बनाएं अर्बन फॉरेस्ट

प्रमुख सचिव ने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों को चिन्हित कर वहां सघन पौधरोपण कराने और अर्बन फॉरेस्ट विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा।

सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी नियमित और समयबद्ध तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

नालंदा परिसर जल्द शुरू करने पर जोर

बैठक में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों को जल्द शुरू करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। फर्नीचर, आईटी सुविधाओं, किताबों और अन्य जरूरी संसाधनों के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए।

इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति के साथ अधोसंरचना कार्य, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस योजना की समीक्षा की गई।

इसके अलावा राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स, गोधाम योजना, निकायों की मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति भी देखी गई।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता रमेश शर्मा समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक मौजूद रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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