छत्तीसगढ़ी में समझाया साइबर ठगी का तरीका, 1575 लोगों को किया जागरूक; बोले– जागरूक गांव ही सुरक्षित गांव
CBN36 मुंगेली। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मुंगेली पुलिस ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चल रहे साइबर जागृति अभियान का लक्ष्य जिले के हर गांव और हर घर तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है। इसी कड़ी में बुधवार को जिले के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में करीब 1575 बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम लोगों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।
एसएसपी भोजराम पटेल ने ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ी बोली में सरल और स्थानीय उदाहरणों के जरिए साइबर ठगी के नए-नए तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग बैंक खाता बंद होने का डर दिखाने, बिजली बिल अपडेट कराने, पीएम किसान निधि या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देने सहित अलग-अलग बहानों से लोगों से संपर्क करते हैं और उनकी मेहनत की कमाई ठग लेते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे फोन कॉल, मैसेज और लिंक से सावधान रहने की अपील की।
ग्रामीणों को दिलाई साइबर जागृति शपथ


9 सितंबर को ग्राम करही, सोढार, लिम्हा और गीधा के ग्राम पंचायत भवनों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें करीब 600 लोग शामिल हुए। एसएसपी भोजराम पटेल ने ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी देने के साथ साइबर जागृति शपथ भी दिलाई।
शपथ के दौरान लोगों को ओटीपी किसी से साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, अज्ञात एप या एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने, मोबाइल के माध्यम से होने वाली ठगी से सावधान रहने और अनजान वीडियो कॉल से बचने की समझाइश दी गई। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।
इस दौरान ग्रामीणों को “जागरूक गांव, सुरक्षित गांव” का संकल्प दिलाया गया। साथ ही “मुंगेली पुलिस का यही पैगाम, साइबर सुरक्षित हो हर ग्राम” का संदेश दिया गया।
अधिकारियों ने भी ग्रामीणों को किया जागरूक

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे और जनपद पंचायत सीईओ संतोष कुमार घोसले ने भी ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर ठगी से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन से सावधान रहने की अपील की।
पथरिया से लोरमी तक चला जागरूकता अभियान

साइबर जागृति अभियान के तहत जिले के अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस टीमों ने लोगों को जागरूक किया। थाना पथरिया के स्टाफ ने स्वास्थ्य केंद्र पथरिया में करीब 50 स्वास्थ्य मितानिनों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी दी। थाना जरहागांव की टीम ने ग्राम भथरी में करीब 25 लोगों को जागरूक किया।
वहीं थाना फास्टरपुर के स्टाफ ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था मुंगेली और लावलीवुड कॉलेज में करीब 400 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया। लोरमी क्षेत्र में धोबघट्टी तथा लालपुर में चंदली साप्ताहिक बाजार में पुलिस टीम ने करीब 500 लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपाय बताए।

मुंगेली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
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