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September 9, 2026 8:46 pm

UCC पर राजनांदगांव में मंथन: विवाह से उत्तराधिकार तक एक कानून की पैरवी, सामाजिक संगठनों ने रखे सुझाव

तलाक, गोद लेने, भरण-पोषण और लिव-इन संबंधों पर भी हुई चर्चा; पक्ष-विपक्ष में आए सुझाव

CBN36 राजनांदगांव, 9 सितंबर। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बुधवार को राजनांदगांव में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक मंथन हुआ। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विवाह, तलाक, बच्चे को गोद लेने, संपत्ति के उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मुद्दों पर प्रतिनिधियों ने खुलकर अपने विचार रखे। कई संगठनों ने धर्म, जाति और लिंग के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की जरूरत बताई।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गठित यूसीसी समिति के जनपरामर्श अभियान के तहत आयोजित बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की बात सुनी। बैठक में यूसीसी के पक्ष और विपक्ष, दोनों पहलुओं पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

चार जिलों से पहुंचे सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि

बैठक में राजनांदगांव के साथ कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सर्व आदिवासी समाज, बौद्ध, जैन, मुस्लिम, ईसाई, साहू, कलार, लोधी, यादव, पटेल, गड़रिया, सेन, गोंड और उरांव समाज सहित विभिन्न संगठनों ने अपनी राय रखी। मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समिति के समक्ष सुझाव दिए।

विवाह और संपत्ति में समान कानून की मांग

प्रतिनिधियों ने कहा कि समान नागरिक संहिता के तहत विवाह, तलाक, बच्चे को गोद लेने और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। धर्म, जाति या लिंग के आधार पर अलग-अलग प्रावधानों के स्थान पर समान अधिकार और समान कानूनी प्रक्रिया लागू करने की बात भी रखी गई।

हालांकि, कुछ प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि यूसीसी तैयार करते समय देश की विविध सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं तथा विभिन्न समुदायों की मान्यताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

सुझावों के आधार पर बनेगा अंतिम ड्राफ्ट

समिति के सदस्यों ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों को संकलित और उनका विधिक परीक्षण किया जाएगा। आम जनता से प्राप्त ऑनलाइन सुझावों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी का अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।

बैठक में विधिक सलाहकार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समान नागरिक संहिता के विभिन्न कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। आम नागरिक समिति की आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in और ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in के माध्यम से भी अपने सुझाव दे सकते हैं।

बैठक में संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर जितेंद्र यादव, जिला पंचायत सीईओ दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर सीएल मारकंडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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