“आईजी ने अपराध समीक्षा बैठक में कसा शिकंजा, एनडीपीएस और गो-तस्करी के नेटवर्क की वित्तीय जांच के निर्देश”

“आईजी रेंज की दो टूक ,पोर्टल के इस्तेमाल में शिथिलता, विवेचना की गलती से दोषमुक्ति और चालान में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
CBN36 बिलासपुर। अपराध की विवेचना में देरी और तकनीकी पोर्टल के इस्तेमाल में लापरवाही अब पुलिस अधिकारियों पर भारी पड़ेगी। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में साफ कहा कि बीएनएसएस के तहत निर्धारित 60 और 90 दिन की समय-सीमा में चालान या खात्मा पेश नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। लापरवाही मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में बिलासपुर समेत रेंज के सभी जिलों के एसपी शामिल हुए। आईजी ने लंबित मामलों के जल्द निराकरण के साथ गंभीर अपराधों की विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को हर सप्ताह मामलों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
अब कागज नहीं, डिजिटल होगी जांच
आईजी गर्ग ने पुलिसिंग में तकनीक के शत-प्रतिशत इस्तेमाल पर जोर देते हुए CCTNS, ई-साक्ष्य, ई-फॉरेंसिक, ई-मालखाना, ई-समन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के अनिवार्य उपयोग के निर्देश दिए। MedLEaPR के जरिए एमएलआर और पीएमआर को डिजिटल कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय करने को कहा गया।
CCTNS में आईआईएफ-1 से 11 और ग्राम अपराध नोटबुक की प्रविष्टियां राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए गए। जब्त माल को ई-फॉरेंसिक के जरिए भेजने और ई-मालखाने को बारकोड आधारित बनाने पर भी जोर दिया गया।
तस्करों की संपत्ति तक पहुंचेगी पुलिस
एनडीपीएस मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए गए। मादक पदार्थों की जब्ती के दौरान ANTF प्रभारी या प्रशिक्षित अधिकारी की मौजूदगी में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। तस्करी में इस्तेमाल वाहनों की मजिस्ट्रेट के समक्ष फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री बनाने और आदतन तस्करों की संपत्ति पर PIT-NDPS व SAFEMA के तहत कार्रवाई के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
गो-तस्करी में पूरे नेटवर्क पर वार
गो-तस्करी के मामलों में अंतरराज्यीय गिरोहों की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक तलाशने के निर्देश दिए गए। पुलिस को आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क की जांच, गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने और संपत्ति अटैच करने को कहा गया। कलेक्टर कोर्ट से समन्वय कर जब्त वाहनों के राजसात और सार्वजनिक नीलामी की कार्रवाई तेजी से कराने के निर्देश दिए गए।
सीमा से जुड़े रास्तों पर 24 घंटे चेकिंग के निर्देश

अंतरराज्यीय सीमा से लगे प्रमुख मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। आईजी गर्ग ने कानून-व्यवस्था मजबूत रखने और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एसपी को नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
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