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September 1, 2026 9:33 pm

17.060 किलोग्राम गांजा तस्करी के आरोपी को 7 वर्ष का सश्रम कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड

भाटापारा शहर पुलिस की विवेचना और ठोस साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला

CBN36 बालोद बाज़ार-भाटापारा। गांजा तस्करी के मामले में भाटापारा शहर पुलिस द्वारा की गई विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायालय ने आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

विशेष न्यायाधीश (NDPS Act), बलौदाबाजार श्रीमती संगीता नवीन तिवारी ने विशेष प्रकरण क्रमांक 16/2025 में आरोपी शिबा रायता (31), पिता प्रताप रायता, निवासी ग्राम भालीपंक, पंचायत चांदीपुट, थाना मोहना, जिला गजपति, ओडिशा को NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया।

मुखबिर की सूचना पर हुई थी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, 8 जून 2025 को भाटापारा शहर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक कुलमणी बारीक को सूचना मिली थी कि ओडिशा से जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के माध्यम से गांजा लेकर तस्कर भाटापारा पहुंच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्टेशन रोड स्थित मस्जिद और हनुमान मंदिर अंडरब्रिज के पास घेराबंदी की।

पुलिस को देखकर तस्करों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान पुलिस ने पीछा कर आरोपी शिबा रायता को ट्रॉली सूटकेस और बैग सहित पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 17.060 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

जांच में जुटाए गए तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य

पुलिस ने जब्ती और तौल की कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक तराजू से गवाहों की मौजूदगी में की। आरोपी के पास से मिले मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच के माध्यम से तस्करी से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। स्वतंत्र गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।

विचारण के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कन्नौजे ने अभियोजन पक्ष की ओर से तर्क प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

यह कार्रवाई 8 जून 2025 को तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में भाटापारा शहर पुलिस द्वारा की गई थी। मामले में सहायक उपनिरीक्षक कुलमणी बारीक ने विवेचना अधिकारी के रूप में साक्ष्य संकलित कर प्रकरण को न्यायालय तक पहुंचाया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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