वर्ल्ड लीडर्स फोरम में रखा नई अर्थव्यवस्था का रोडमैप, 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
CBN36 छत्तीसगढ़ ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ को नई अर्थव्यवस्था के उभरते केंद्र के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवा शक्ति, एआई, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण के जरिए विकास की नई राह तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता भी दिया।
6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी बनाना है। प्रदेश में 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
एआई को भविष्य की अर्थव्यवस्था का अहम आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। नागरिक सेवाओं के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को सहयोग देने का लक्ष्य है।
नवा रायपुर में बनेगा एआई डेटा सेंटर पार्क
नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश को डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में नई पहचान मिलेगी और युवाओं के लिए तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 फीसदी विकास दर
मुख्यमंत्री के मुताबिक वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। आर्थिक विकास दर 11.57 प्रतिशत रही, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपये हो गई है। वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर जोर दिया गया है।
नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
साय ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों के बाद निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
स्टील, सीमेंट और खनिज उद्योगों के साथ अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ाई जा रही हैं।
बस्तर में विकास और निवेश के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की स्थिति में सुधार के बाद बस्तर में विकास, पर्यटन, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल रहे हैं।
बस्तर समेत प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूल फिर शुरू किए गए हैं। जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर 3,513 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
पर्यटन और स्थानीय उत्पादों से रोजगार पर जोर
चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे पर्यटन स्थलों के साथ बस्तर की जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की योजना है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर भी जोर दे रही है, ताकि कच्चे माल के बजाय तैयार उत्पाद से स्थानीय लोगों को अधिक आर्थिक लाभ मिले।
ग्रीन एनर्जी बनेगी नई अर्थव्यवस्था का आधार
छत्तीसगढ़ में अगले वर्षों में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी से निवेश के साथ ग्रीन जॉब्स के अवसर भी बढ़ेंगे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून से निवेश प्रक्रिया होगी आसान
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 के तहत प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में तय समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है। आठ विभागों की 43 सेवाओं को इसके दायरे में शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश के करीब 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है।
निवेश का लक्ष्य रोजगार और आय बढ़ाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा अब संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर है। उन्होंने कहा कि निवेश इस बदलाव का माध्यम है, जबकि अंतिम लक्ष्य युवाओं को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
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