झीरम स्मारक को जल्द मिलेगा स्मरणीय स्वरूप, शहीदों के परिजनों से मिले डिप्टी सीएम
CBN 36 रायपुर, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा शनिवार को झीरम घाटी पहुंचे और झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों की स्मृति में बने स्मारक को जल्द ही और स्मरणीय स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर त्रासदी

विजय शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर त्रासदी थी। इस घटना में प्रदेश ने अपने वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खो दिया। विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री नंदकुमार पटेल, नेता प्रतिपक्ष रहे महेंद्र कर्मा समेत कई जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान प्रदेश कभी नहीं भूल सकता।
उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने वर्षों तक बस्तर को भय और हिंसा के साये में रखा, लोकतंत्र और संविधान की पहुंच को रोकने का प्रयास किया और विकास की गति को बाधित किया, उसे जड़ से उखाड़ फेंका गया है।
अब बस्तर खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिन की बस्तर तिरंगा यात्रा में पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर शांति का संदेश दिया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर देश को संदेश दिया गया कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में लागू होगा।
उन्होंने कहा कि अब कोई बंदूक के बल पर बस्तर की धरती को मासूमों के खून से लाल नहीं कर सकेगा। झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शहीदों के परिजनों से मिले, किया सम्मान

विजय शर्मा ने झीरम के शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए सौंपी।
‘बस्तर को गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से जीता’
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। सरकार ने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है।
उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसका परिणाम है कि तीन हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है।
विजय शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना में प्रदेश ने अपना शीर्ष नेतृत्व खोया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को कुछ लोग आज भी अपना रोल मॉडल मानते हैं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
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