मुख्य सचिव ने यूनिसेफ और विभागीय अधिकारियों के साथ की बैठक, कुपोषण-अनीमिया से लेकर पेयजल और स्वच्छता तक की हुई समीक्षा
CBN36 रायपुर, 10 अगस्त। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को लेकर राज्य सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील ने यूनिसेफ और स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
कुपोषण और अनीमिया पर विशेष फोकस
बैठक में बच्चों में कुपोषण, अनीमिया, विकास में देरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। बच्चों को आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन, विटामिन बी-12 और जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, अनीमिया नियंत्रण और कुपोषण की समस्या से निपटने के साथ बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्या पर भी चर्चा हुई।
सभी जिलों तक पहुंचेगा कम्युनिटी मैनेजमेंट कार्यक्रम
संयुक्त बैठक में बच्चों के कम्युनिटी मैनेजमेंट कार्यक्रम का सभी जिलों तक विस्तार करने पर जोर दिया गया। विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता को खानपान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
टेक होम राशन की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बैठक में टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ बच्चों को घर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और उन्हें बेहतर तरीके से भोजन खिलाने की पद्धतियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा के जरिए अनाज, दाल और फलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सुझाव पर भी विचार किया गया।
किसानों को पौष्टिक फसलों और दालों के अच्छे बीज उपलब्ध कराने पर जोर
राज्य के किसानों तक विविध और पोषक तत्वों से भरपूर फसलों तथा दालों की पहुंच बढ़ाने के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में चलाए जा रहे एंटी-मलेरिया अभियान के परिणामस्वरूप मलेरिया के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
बस्तर में अनीमिया से निपटने के लिए विशेष कार्यक्रम
बैठक में बच्चों में अनीमिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बस्तर क्षेत्र में बच्चों को अनीमिया से बचाने और इसके नियंत्रण के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत और आयुक्त समग्र शिक्षा सुश्री किरण कौशल समेत शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधान संपादक



