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August 5, 2026 7:38 pm

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: 500 करोड़ का AI मिशन, BEML लगाएगी भारी मशीन निर्माण संयंत्र, गांवों की सड़क योजना में बड़ा बदलाव

CBN36 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के डिजिटल, औद्योगिक, अधोसंरचना और वित्तीय विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के भारी मशीन निर्माण संयंत्र, लोक निर्माण विभाग में डिजिटल प्रबंधन प्रणाली, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की अनुदान परियोजना, स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के बॉन्ड जारी करने सहित सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।

पांच साल में 500 करोड़ का AI मिशन

कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दी है। पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये की लागत से लागू होने वाले इस मिशन का उद्देश्य सुशासन, नई तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

मिशन के तहत प्रदेश में 100 AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे और 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी। इसके अलावा छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कार्यों को अधिक आसान और तेज बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। यह मिशन भारत सरकार के IndiaAI Mission के अनुरूप प्रदेश को भविष्य उन्मुख डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

BEML लगाएगी भारी मशीन निर्माण संयंत्र

मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करेगी।

यह छत्तीसगढ़ का इस क्षेत्र का पहला उद्योग होगा। सरकार का दावा है कि इससे बड़े निवेश आकर्षित होंगे, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे राज्य विनिर्माण क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

लोक निर्माण विभाग में लागू होगा WAMIS

कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के प्रथम चरण को मंजूरी दी है।

सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। पहले इसे लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, बाद में अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों तक इसका विस्तार किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में बड़ा बदलाव

मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण कराया जा सकेगा। साथ ही सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के माध्यम से मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

योजना का दायरा बढ़ाते हुए ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं। आवश्यकता के अनुसार नाबार्ड ऋण, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद, खनिज न्यास मद सहित अन्य स्रोतों से भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। कार्यों का अनुमोदन प्रशासनिक विभाग करेगा तथा निगरानी और समन्वय के लिए राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाएगी।

ADB देगा 15 करोड़ रुपये का अनुदान

कैबिनेट ने वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान स्वीकार करने का निर्णय लिया है।

एक दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक चलने वाली इस तीन वर्षीय परियोजना में राज्य सरकार या भारत सरकार का कोई वित्तीय अंशदान नहीं होगा। परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करना, PPP इकोसिस्टम विकसित करना, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देना, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता सुधारना, जलवायु अनुकूल परियोजनाओं का विकास तथा ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ के अनुरूप प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। इसके लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) भी बनाई जाएगी।

राज्य योजनाओं के लिए लागू होगा S-SNA मॉडल

मंत्रिपरिषद ने राज्य योजनाओं में स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि अलग-अलग बैंक खातों में निष्क्रिय नहीं रहेगी, बल्कि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट से आवश्यकता अनुसार सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा।

सरकार के अनुसार इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल टाइम निगरानी संभव होगी, वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा, निष्क्रिय राशि, गबन और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही नकदी प्रबंधन बेहतर होगा और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

CSPGCL जारी करेगी 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) या बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस फैसले से कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प मिलेंगे और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। राज्य सरकार मूलधन और ब्याज भुगतान पर गारंटी देगी तथा प्रत्याभूति शुल्क में छूट भी प्रदान करेगी। लिस्टिंग प्रक्रिया से जुड़े आवश्यक निर्णय लेने के लिए कंपनी के संचालक मंडल और आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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