CBN 36 रायपुर।छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बैगलेस डे को शिक्षा के साथ पोषण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ते हुए एक अभिनव पहल की गई। जिले के लगभग 500 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ पोषण वाटिका निर्माण, न्योता भोजन, अतिरिक्त पूरक पोषण आहार वितरण तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में विद्यालय परिसरों में सेमी, लौकी, बरबट्टी, खीरा, तरोई सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों की पोषण वाटिकाएं विकसित की गईं। इन वाटिकाओं में उगाई जाने वाली ताजी सब्जियों का उपयोग प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार मिलने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और पोषण के प्रति व्यवहारिक ज्ञान भी प्राप्त होगा।
बैगलेस डे के अवसर पर कई विद्यालयों में “न्योता भोजन” का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने बच्चों के लिए फल, मिठाई एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया। वहीं “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती लता बेक ने कहा कि बैगलेस डे केवल पुस्तकों से अलग एक दिन नहीं, बल्कि बच्चों को जीवनोपयोगी कौशल, श्रम का सम्मान, सामुदायिक सहयोग और प्रकृति से जुड़ाव सिखाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर की यह पहल शिक्षा, पोषण और जनसहभागिता के समन्वित मॉडल के रूप में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो रही है।
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