दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने रविवार को दुर्ग प्रवास के दौरान पुलिस अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला थाना, सेक्टर-6 परिसर में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने रिसाली स्थित शहीद रजनीकांत सिंह के स्मारक पहुंचकर वर्ष 2009 की मदनवाड़ा नक्सल घटना में वीरगति प्राप्त जवान की 17वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

महिला थाना परिसर में बैठक व्यवस्था, राजपत्रित अधिकारी मेस के सौंदर्यीकरण, पुलिस कंट्रोल रूम के उन्नयन तथा पेवर ब्लॉक निर्माण सहित कई अधोसंरचनात्मक कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल पुलिस अधोसंरचना पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मनोबल और सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ आम जनता को बेहतर एवं त्वरित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने पुलिस भवनों के रखरखाव, स्वच्छता और तकनीकी उन्नयन पर विशेष जोर दिया।

लोकार्पण कार्यक्रम के बाद डीजीपी अरुण देव गौतम थाना नेवई क्षेत्र के जोहार चौक, रिसाली पहुंचे, जहां प्रेम संगवारी बहुउद्देशीय सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। उन्होंने शहीद रजनीकांत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

श्रद्धांजलि सभा में शहीद की पत्नी पिंकी साहू एवं उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे। डीजीपी ने उनसे मुलाकात कर परिवार का हालचाल जाना और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में पुलिस परिवार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान प्रेम संगवारी बहुउद्देशीय सेवा समिति के संयोजक विष्णु पाठक ने शहादत दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। समिति के अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय, महासचिव रंग बहादुर सिंह, समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
इस अवसर पर दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर सहित जिले के अन्य राजपत्रित अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का त्याग, समर्पण और बलिदान पुलिस संगठन की सबसे बड़ी धरोहर है। उनके आदर्श प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को राष्ट्र सेवा, जन सुरक्षा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
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