
“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि शिकायत निवारण शिविर का उद्देश्य लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बार-बार थानों के चक्कर न लगाने पड़ें,उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही पुलिस का पहला दायित्व है और आगे भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे”
छत्तीसगढ़।बिलासपुर पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता और तत्परता से सुनकर उनका समाधान करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। बिलासगुडी चेतना भवन में आयोजित शिकायत निवारण शिविर इसी सोच का जीवंत उदाहरण बना।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में जिलेभर से आए फरियादियों की शिकायतें न केवल गंभीरता से सुनी गईं, बल्कि अधिकांश मामलों का समाधान भी तत्काल किया गया।
शिविर में कुल 43 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 41 शिकायतों का एसएसपी ने मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इतना ही नहीं, जिन मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई आवश्यक थी, उनमें 08 प्रकरणों में मौके पर ही एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही एसएसपी रजनेश सिंह की संवेदनशील कार्यशैली। उन्होंने प्रत्येक फरियादी से स्वयं बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत का समाधान समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से किया जाए। इससे फरियादियों में यह विश्वास मजबूत हुआ कि उनकी बात केवल सुनी ही नहीं जा रही, बल्कि उस पर प्रभावी कार्रवाई भी हो रही है।
Cbn36 को मिली जानकारी के मुताबिक शिविर में आई शिकायतें मुख्य रूप से जमीन विवाद, पारिवारिक कलह, साइबर फ्रॉड, लेन-देन में धोखाधड़ी तथा महिला संबंधी मामलों से जुड़ी थीं। इन मामलों के त्वरित समाधान से लोगों को बार-बार थानों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
इस अवसर पर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि जिला स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित करने का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि
“जनता की सेवा ही हमारा पहला धर्म है और आगे भी इस प्रकार के शिकायत निवारण शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।”
शिविर में उपस्थित फरियादियों ने बिलासपुर पुलिस की इस पहल की खुलकर सराहना करते हुए इसे जनहित में एक प्रभावी और भरोसेमंद कदम बताया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब पुलिस संवेदनशीलता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई के साथ जनता के बीच पहुंचती है, तो कानून व्यवस्था के साथ-साथ जनविश्वास भी मजबूत होता है।
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