Explore

Search

June 24, 2026 7:44 pm

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौजूदगी दर्ज, कैमरा ट्रैप में कैद हुई तस्वीरें

रायपुर, 24 जून। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज होने के बाद वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के बीच उत्साह का माहौल है। रिजर्व क्षेत्र में लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार रिकॉर्ड हुए हैं। वन विभाग का कहना है कि बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण, आवास सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। विभाग का मानना है कि बाघिन की उपस्थिति इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी वन क्षेत्र में बाघ या बाघिन का नियमित रूप से दिखाई देना वहां पर्याप्त शिकार आधार, सुरक्षित वातावरण और अनुकूल आवास की उपलब्धता को दर्शाता है। ऐसे में उदंती-सीतानदी में बाघिन की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वन अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में कैद तस्वीरों में बाघिन स्वस्थ दिखाई दे रही है। उसकी गतिविधियों से संकेत मिलते हैं कि वह क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है और यहां अपना प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में हो सकती है। हालांकि, उसके स्थायी रूप से बसने को लेकर अभी निगरानी जारी रखी जा रही है।

विभाग के अनुसार रिजर्व क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूत करने, कृत्रिम जलस्रोतों के निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों के पुनर्स्थापन तथा अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य किए गए हैं। इन उपायों से वन्यजीवों के लिए अपेक्षाकृत बेहतर वातावरण तैयार हुआ है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो भविष्य में इस क्षेत्र में अन्य बाघों की आवाजाही भी बढ़ सकती है। इससे उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की पहचान एक महत्वपूर्ण बाघ आवास के रूप में और मजबूत हो सकती है।

वन विभाग ने बाघिन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन की मौजूदगी संरक्षण प्रयासों के लिए उत्साहजनक संकेत है और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS