बिलासपुर, 24 जून। भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर ग्रामीण द्वारा आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का दमन किया था। आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में बंद किया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई तथा न्यायपालिका सहित अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया।
मुकेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं के त्याग एवं बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नई पीढ़ी को आपातकाल की विभीषिका से अवगत कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, ताकि लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के प्रति जनजागरूकता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता से ही मजबूत होता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।
प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, भाजपा जिला महामंत्री जनक देवांगन सहित प्रणव शर्मा समदरिया, पवन कश्यप, मोनू रत्नाकर श्रीवास, शैलू गोरख और कमल पटेल उपस्थित थे।
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