रायगढ़, 2 जून। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के तहत रायगढ़ जिले को 18 प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्राप्त हुए हैं। पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद इन अधिकारियों ने व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए रायगढ़ पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराई। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों का जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से परिचय कराया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस शशि मोहन सिंह ने प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यवहारिक प्रशिक्षण पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है, जहां वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करते हुए सीखने और स्वयं को बेहतर अधिकारी के रूप में विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सीख दी।
एसएसपी सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग केवल प्रशासनिक दायित्व निभाने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह जनसेवा का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से आम जनता के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह और सेवाभावी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और जनता के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है।

इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने भी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने, वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों से सीखने तथा कानून-व्यवस्था, अपराध विवेचना और पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं को गंभीरता से समझने की सलाह दी।
रायगढ़ पुलिस द्वारा इन 18 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को जिले के विभिन्न स्थानों पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है, जहां वे व्यवहारिक प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कार्यप्रणाली की बारीकियों को सीखेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया।
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