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May 27, 2026 6:33 pm

छत्तीसगढ़ में अनुपयोगी सरकारी जमीनों का होगा पुनर्विकास, तैयार होगी कार्ययोजना

रायपुर, 27 मई 2026।छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली खाली एवं अनुपयोगी जमीनों के सुनियोजित विकास और उपयोग के लिए व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित भूमि की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने कहा कि लंबे समय से खाली पड़ी सरकारी जमीनों से न शासन को आय हो रही है और न ही आम जनता को लाभ मिल रहा है। नई योजना से शहरों का नियोजित विकास होगा और शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी बढ़ेगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि खाली पड़ी तथा अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका जनहित और व्यावसायिक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सभी विभागों की खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। जीआईएस मैपिंग के माध्यम से प्रत्येक भूखंड की लोकेशन, क्षेत्रफल और वर्तमान स्थिति का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा।

शहरी क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर स्थित जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए शासकीय कार्यालय विकसित किए जाएंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस और कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की योजना है। बड़े भूखंडों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

योजना के तहत जर्जर हो चुके शासकीय भवनों और परिसरों को भी चिन्हित किया जाएगा। जिन भवनों की मरम्मत आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं होगी, उन्हें हटाकर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप नए निर्माण किए जाएंगे। साथ ही चिन्हित जमीनों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग और शासकीय स्वामित्व संबंधी बोर्ड लगाए जाएंगे। अवैध कब्जों की रोकथाम के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त निगरानी करेंगे।

बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त और कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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