भिलाई। दुर्ग पुलिस ने साइबर और आर्थिक अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2022 से अवैध रूप से म्यूल अकाउंट तैयार कर साइबर अपराधियों को बेचने का कारोबार कर रहे थे। गिरोह अब तक 200 से अधिक बैंक खाते खुलवाकर विभिन्न राज्यों के आर्थिक अपराधियों को उपलब्ध करा चुका है।
पुलिस को 24 मई को सूचना मिली थी कि जगदलपुर निवासी मनोज कुमार भुतड़ा अपने साथियों के साथ म्यूल अकाउंट से संबंधित दस्तावेज लेकर भिलाई आया हुआ है। सूचना के आधार पर सुपेला थाना एवं एसीसीयू टीम ने सुपेला ओवरब्रिज स्थित पांच रास्ता हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया गया है।
पूछताछ में मुख्य आरोपी मनोज कुमार भुतड़ा ने बताया कि वह साधारण बैंक खाते 15 से 20 हजार रुपये तथा करंट अकाउंट 40 से 50 हजार रुपये में साइबर और आर्थिक अपराधियों को बेचता था। आरोपी बैंक खाते खुलवाने के लिए न्यूनतम बैलेंस की राशि भी स्वयं उपलब्ध कराता था और बाद में रकम वापस ले लेता था।
जांच में सामने आया है कि इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक समेत विभिन्न बैंकों में खुलवाए गए खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। गिरोह ने बालोद, गुण्डरदेही, दुर्ग, जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में संगठित तरीके से खाते खुलवाए थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी इतना शातिर था कि बड़े ट्रांजेक्शन वाले खातों को बैंक में होल्ड करवाकर बाद में बैंक से संपर्क कर होल्ड हटवाने के बाद रकम निकाल लेता था। गाजियाबाद, सूरत, रायपुर और जगदलपुर पुलिस भी आरोपी की तलाश कर रही थी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मनोज कुमार भुतड़ा (33) निवासी ग्राम बिरेतरा जिला बालोद, केवल सेठिया (26) निवासी केसलुर जिला बस्तर तथा सत्यनारायण सेठिया (26) निवासी मांझीगुड़ा थाना दरभा जिला बस्तर शामिल हैं।
मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमों को रवाना कर चुकी है।
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