
“एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त बयान किसी भी प्रकरण में साक्ष्य मिटाने या पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध होगी सख्त वैधानिक कार्रवाई ,ऐसे मामलों में दोषियों को कानून से बचने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा पुलिस ने मामले को विवेचना में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है”
रायगढ़, 2 मई 2026। धरमजयगढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में हुई मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान साक्ष्य छुपाने का गंभीर मामला सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एसडीओपी धरमजयगढ़ द्वारा कराई गई जांच में यह खुलासा हुआ कि घटनास्थल से मूल ट्रैक्टर को हटाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया।

पुलिस के अनुसार, 29 अप्रैल को मांड नदी के पास ट्रैक्टर की धुलाई के दौरान हाइड्रोलिक पाइप फटने से ट्रॉली नीचे गिर गई थी, जिसकी चपेट में आने से सहेसराम मांझी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पुलिस को करीब दो घंटे की देरी से दी गई।
घटनास्थल निरीक्षण के दौरान पुलिस को एक हरे रंग का ट्रैक्टर और लाल ट्रॉली मिली थी, जबकि जांच में यह तथ्य सामने आया कि दुर्घटना में प्रयुक्त मूल लाल रंग का महिंद्रा ट्रैक्टर मौके से हटाकर अन्य वाहन खड़ा कर दिया गया था। प्रारंभिक बयान में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

मामले की सूक्ष्म जांच के बाद आरोपी चालक फुलजेंस मिंज (46 वर्ष, निवासी लक्ष्मीपुर) के विरुद्ध लापरवाही से मृत्यु कारित करने और साक्ष्य छुपाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं 238 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकरण में साक्ष्य मिटाने या पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को कानून से बचने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा।पुलिस ने मामले को विवेचना में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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