Explore

Search

April 17, 2026 8:48 pm

ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी गिरफ्तार, मुंबई-गोवा में दबिश से 7 आरोपी पकड़े,पैनल नेटवर्क को ध्वस्त

“कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने बताया कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टा मामलों में 11 प्रकरणों में 64 आरोपियों की गिरफ्तारी,करीब 2.96 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त,ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी”

रायपुर, 17 अप्रैल। रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने मुंबई और गोवा में एक साथ दबिश देकर कुल 7 आरोपियों को पकड़ा तथा एक बड़े पैनल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।

पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर पिछले करीब ढाई वर्षों से 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़ में हाई-प्रोफाइल ग्राहकों को जोड़कर अवैध सट्टा नेटवर्क चला रहा था।

पुलिस ने महाराष्ट्र, गोवा और उत्तर प्रदेश से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गोवा में संचालित एक लाइन पैनल को पूरी तरह ध्वस्त किया गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा चार राज्यों में फैले नेटवर्क को तोड़ा गया है।

कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, एक राउटर, कैलकुलेटर, सट्टा हिसाब-किताब की कॉपी, 10 एटीएम कार्ड, एक्सटेंशन बॉक्स और एक बीएमडब्ल्यू कार जब्त की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी लेन-देन के लिए म्यूल खातों का उपयोग कर रहे थे, जिन्हें किराये पर लिया जाता था।

बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस अब वित्तीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है। साथ ही, जिन खाताधारकों के खाते उपयोग में लाए गए, उनकी भी पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।

थाना गंज में इस मामले में अपराध क्रमांक 110/26 दर्ज करते हुए छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत प्रकरण कायम किया गया है।

पूर्व कार्रवाई का विवरण

13 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के पास एक कार में बैठा व्यक्ति आईपीएल मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके से पकड़ा गया था। पूछताछ के आधार पर ओडिशा और महाराष्ट्र में छापेमारी कर पहले चरण में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान 10 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 72 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, नगद राशि सहित करीब 60 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया था।

पूछताछ में खुलासे

पूछताछ में बाबू खेमानी ने बताया कि वर्ष 2023 में कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए पुराने एप बंद कर दिए गए थे, लेकिन बाद में 3Stumps और 55 एक्सचेंज के जरिए फिर से नेटवर्क खड़ा किया गया। रायपुर पुलिस के दबाव से बचने के लिए गिरोह ने अन्य राज्यों में पैनल संचालित करना शुरू किया। अलग-अलग आरोपियों को कलेक्शन, आईडी वितरण और बैंक खातों के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी।

पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी के विदेश कनेक्शन की भी जांच की जा रही है, क्योंकि वह दुबई और थाईलैंड की यात्राएं कर चुका है। साथ ही सट्टे की रकम की दबावपूर्वक वसूली के मामलों की भी जांच जारी है।

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टा मामलों में 11 प्रकरणों में 64 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस ने इन मामलों में करीब 2.96 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS