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April 5, 2026 10:19 pm

हिन्दी ने सभी भाषाओं को एक धागे में पिरोया है : नगराध्यक्ष सुधीर पांगुळ

राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा का 32वां अखिल भारतीय प्रचार सम्मेलन संपन्न

वर्धा। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित 32वें अखिल भारतीय प्रचार सम्मेलन का आयोजन 29 मार्च को संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में वर्धा नगर परिषद के अध्यक्ष सुधीर पांगुळ ने संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी ने देश की सभी भाषाओं को एक धागे में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने स्वयं को समिति का पूर्व विद्यार्थी बताते हुए हिन्दी को घर-घर में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्धा गांधीजी की कर्मभूमि रही है, जहां से आजादी का बिगुल फूंका गया।

इस अवसर पर ‘प्रशासन में हिन्दी’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित ने कहा कि भाषा का उपयोग बोलचाल, दैनिक कार्य, रचनात्मक लेखन, पाठन, संचार और राजभाषा के रूप में होता है, जबकि प्रशासन में हिन्दी इसका एक महत्वपूर्ण विस्तारित क्षेत्र है। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकारों सहित विभिन्न संस्थाओं की भाषा नीति और उससे जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री डॉ. हेमचन्द्र वैद्य ने अपने प्रास्ताविक वक्तव्य में विद्यार्थियों के लिए ‘काते सो पहने’ जैसे नवाचारों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत छात्र चरखे पर सूत कातते हैं और उसी से बने वस्त्र उन्हें प्रदान किए जाते हैं।

प्रख्यात साहित्यकार एवं अनुवादविद् डॉ. दामोदर खडसे ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्यभट्ट द्वारा शून्य की खोज ने विश्व को नई दिशा दी। उन्होंने तकनीकी शब्दावली के विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिन्दी में साहित्यिक शब्दों की प्रचुरता है, किंतु तकनीकी क्षेत्रों में शब्दों के विकास की आवश्यकता है।

नागपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोजकुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्र की एकता के लिए भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, पुणे के कार्याध्यक्ष डॉ. सुनील देवधर ने भाषा को संस्कृति और संवेदना से जोड़ते हुए कहा कि भाषा केवल शब्दों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह एक सतत प्रवाह है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। उत्तर एवं पूर्वांचल की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि कोलकाता की स्मृति बैनर्जी एवं समूह ने ‘एकला चलो रे’ गीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान देशभर से आए हिन्दी सेवियों एवं प्रचारकों को सम्मानित किया गया तथा अहमदाबाद से शरद जोशी की पुस्तक ‘हिन्दी के आस पास’ का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रभाषा महाविद्यालय की प्राचार्या पूजा लोहिया ने किया तथा प्रकाश बाभले ने आभार व्यक्त किया। समारोह में देश के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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