छत्तीसगढ़ ।सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित राहत योजना के क्रियान्वयन को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस लाइन विलासागुड़ी में जिले स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में योजना के प्रत्येक पहलू को व्यवहारिक और तकनीकी दृष्टि से समझाया गया। अधिकारियों को TMS 2.0, iRAD एवं eDAR पोर्टल पर दुर्घटना पीड़ितों के पंजीयन, सत्यापन और उपचार प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। NIC के विशेषज्ञों ने डिजिटल प्रणाली के माध्यम से त्वरित और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।

कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि पीएम-राहत योजना के तहत अब सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा राज्य या निवास की बाध्यता से मुक्त है, अर्थात किसी भी राज्य का पीड़ित इस योजना का लाभ ले सकता है।
इस दौरान बिलासपुर जिले में योजना के सफल क्रियान्वयन का पहला उदाहरण भी सामने आया, जहां थाना रतनपुर क्षेत्र अंतर्गत एक घायल व्यक्ति का पंजीयन कर eDAR पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूर्ण की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक और तकनीकी समन्वय के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे, एएसपी शहर पंकज पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, थाना प्रभारी, विवेचक एवं अन्य विभागीय कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
गोल्डन ऑवर में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख तक कैशलेस इलाज सभी मोटर वाहन दुर्घटना पीड़ितों के लिए लागू ,जिले के 172 अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध,इसके लिए 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती अनिवार्य के साथ TMS 2.0 पोर्टल पर समयबद्ध पंजीकरण पुलिस द्वारा 24 से 48 घंटे में सत्यापन iRAD/eDAR के माध्यम से Accident ID व Victim ID आवश्यक है ।

एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। ‘गोल्डन ऑवर’ में उठाया गया एक छोटा कदम किसी की जान बचा सकता है और अब सरकार की यह योजना उस प्रयास को पूरी ताकत देने के लिए तैयार है।
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