बिलासपुर। शहर के सरकंडा क्षेत्र में थार गाड़ी खरीदने की चाहत ने नाबालिगों और युवकों को अपराध की राह पर धकेल दिया। दोस्तों के साथ मिलकर बनाए गए इस प्लान में एक युवक ने अपने ही घर से जेवर चोरी कर लिए, लेकिन बाद में उसे अपने ही साथियों से धोखा मिल गया। मामला अब पुलिस के सामने आ चुका है और सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।

सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के मुताबिक क्षेत्र के एक युवक ने धोखाधड़ी और अवैध वसूली की शिकायत दर्ज कराई है। युवक ने बताया कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर महंगी थार गाड़ी खरीदने के लिए घर से जेवर चुराने की योजना बनाई थी। योजना के तहत वह अपने घर से सोने-चांदी के जेवर निकाल लाया। हालांकि, उसके दोस्तों ने चालाकी दिखाते हुए असली जेवर की जगह नकली जेवर उसके पास रख दिए, जिसकी भनक उसे नहीं लगी। इसके बाद सभी युवकों ने जेवर बेचने के लिए कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले प्रियांशु पनिकर से संपर्क किया। प्रियांशु ने जेवर को गांधी चौक के पास एक ज्वेलरी व्यवसायी को करीब चार लाख रुपये में बेच दिया। आरोप है कि इस सौदे में उसकी मां ने भी सहयोग किया। लेकिन जब पैसे देने की बारी आई, तो युवकों को बहुत कम रकम दी गई, जिससे उन्हें अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ। इसी दौरान युवक के परिजन को घर से जेवर गायब होने की जानकारी मिल गई। उन्होंने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। इसके बाद सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही जेवर खरीदने वाले और इस सौदे में शामिल अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रियांशु पनिकर और उसकी मां को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने जेवर खरीदार को सौंपे गए आभूषण पुलिस को वापस दिलाने में सहयोग किया है। फिलहाल पुलिस द्वारा बचे हुए जेवर की जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
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