“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि विशेष छूट की आड़ में नियमों के उल्लंघन और दुर्घटनाओं की घटनाओं पर अब केवल चालकों पर नहीं, बल्कि वाहन मालिक और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई”
बिलासपुर। शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री व्यवस्था के बीच अब पुलिस प्रशासन ने ठेकेदारों और वाहन मालिकों पर सीधा शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। विशेष छूट की आड़ में नियमों के उल्लंघन और दुर्घटनाओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल चालकों पर नहीं, बल्कि वाहन मालिक और संबंधित ठेकेदारों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।
एसएसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे को निर्देशित किया है कि विशेष अनुमति प्राप्त सभी वाहनों की सूची सार्वजनिक की जाए और उनके लिए निर्धारित रूट की जानकारी भी साझा की जाए। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेशों के आधार पर ही छूट दी गई है, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।

एसएसपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीडीएस चावल, मंडी से धान परिवहन, निर्माण कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही सीमित दायरे में छूट दी गई है। लेकिन यदि इन श्रेणियों के वाहन भी निर्धारित समय और मार्ग का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया है कि जिन वाहनों से दुर्घटना हुई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। संबंधित वाहन मालिकों और ठेकेदारों को बुलाकर स्पष्ट किया जाएगा कि चालक द्वारा की गई लापरवाही की जिम्मेदारी साझा रूप से तय होगी। अनुमति केवल कार्य निष्पादन के लिए है, न कि यातायात नियमों की अनदेखी के लिए।

एएसपी ट्रैफ़िक करियारे ने कहा कि नो एंट्री व्यवस्था शहर में यातायात दबाव कम करने और आमजन की सुरक्षा के लिए लागू की गई है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन कर दुर्घटना करने वाले वाहनों को किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में भी नियमों की अनदेखी पाई गई तो अनुमति रद्द करने सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शहर में यातायात व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रधान संपादक


