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February 28, 2026 1:32 pm

नशीले इंजेक्शन के सौदागर को 10 साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना

बिलासपुर। नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री के एक मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी युवक को दस साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दाेषी को चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


कोतवाली पुलिस के अनुसार, तीन सितंबर 2025 की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर से आया एक युवक ज्वाली नाला रोड स्थित नाले के पास नशीले इंजेक्शन बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। घेराबंदी के दौरान संदिग्ध युवक को पकड़कर तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान अरमान अख्तर (32) के रूप में हुई, जो मूल रूप से गौरेला के मंगली बाजार का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि आरोपी रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में रहकर नशीली दवाओं की सप्लाई और बिक्री का काम करता था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पुष्पलता मारकंडे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने अपने फैसले में आरोपी को दस वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय नामदेव ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष यह तर्क रखा कि नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा है, जिस पर सख्त सजा आवश्यक है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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