छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर 106 युवा खिलाड़ियों का सम्मान
वर्धा।छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन शौर्य साहस पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि व्यक्ति अपने पराक्रम और सामर्थ्य का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में कैसे कर सकता है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विचार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने व्यक्त किए।
छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती के अवसर पर द ब्लूज़ स्पोर्ट्स अकादमी, वर्धा द्वारा आयोजित चतुर्थ जेनिथ फेलिसिटेशन 2025-26 का आयोजन विश्वविद्यालय के कस्तूरबा सभागार में किया गया। कार्यक्रम में वर्धा एवं आसपास के क्षेत्र के जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले 106 युवा खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र गादेवार तथा कुलानुशासक डॉ. राकेश मिश्र ने खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए।

कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि द ब्लूज़ स्पोर्ट्स अकादमी और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग से समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे अपने आसपास के समुदाय को विकास के अवसर उपलब्ध कराएं। बच्चों, किशोरों और युवाओं में खेल के प्रति रुचि विकसित करना स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गौरतलब है कि वर्धा एवं आसपास के युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु विश्वविद्यालय का मेजर ध्यानचंद क्रीड़ा स्थल उपलब्ध कराया गया है। इस सहयोग से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और मंच प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। एथलीटों ने “राजा शिवछत्रपती महाराजांचा विजय असो!” के उद्घोष के साथ सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन निमिष मुले और ओम गुडधे ने किया। विषय प्रवेश करते हुए डॉ. संदीप सपकाले ने कहा कि मैदान की हार-जीत जीवन निर्माण में सहायक होती है, क्योंकि खेल चरित्र निर्माण का माध्यम है।

समारोह का भावुक क्षण तब आया जब कुलपति प्रो. शर्मा ने तीन वर्षीय एथलीट राम को गोद में लिया। इस बालक ने 50 मीटर तैराकी में पदक प्राप्त किया है और मात्र ढाई वर्ष की आयु से प्रशिक्षण ले रहा है।
सम्मानित खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्तर की मधुरा प्रशांत पहाड़े, अर्णव पंकज साल्वे, श्रावणी अभय बोबड़े; राज्य स्तर के प्रतीक सिंह, अर्णव उमेश डहाके, आर्श प्रशांत राऊत सहित जिला व मंडल स्तर के अनेक खिलाड़ी शामिल रहे।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सेवाग्राम के डॉ. हर्षल साठे और डॉ. अभिषेक राऊत ने खेल एवं स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। द ब्लूज़ स्पोर्ट्स अकादमी के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश मेहरे ने अकादमी की गतिविधियों की जानकारी दी।
एक सराहनीय पहल के तहत सभी सम्मानित खिलाड़ियों को सीडबॉल्स (बीज गोले) वितरित किए गए। अकादमी के आदर्श वाक्य “From Pool to Plants, Nurturing the Future” के अनुरूप यह पहल खेल के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है।
समापन अवसर पर अकादमी के निदेशक ने कहा कि जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने समय में नई परंपराएं स्थापित कीं, वैसे ही युवा खिलाड़ी खेल जगत में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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